भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है: विदेश मंत्रालय

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 10 Jul 2022 09:06 PM
भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है: विदेश मंत्रालय

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नयी दिल्ली/कोलंबो. कोलंबो में तेजी से हो रहे घटनाक्रम पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में भारत ने रविवार को कहा कि वह श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है क्योंकि वे लोकतांत्रिक तरीकों, मूल्यों और संवैधानिक मार्ग के जरिये समृद्धि और प्रगति के लिए अपनी आकांक्षाओं को साकार करना चाहते हैं.

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने कहा कि भारत श्रीलंका के घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और वह उन कई चुनौतियों से अवगत है, जिनका देश और उसके लोग सामना कर रहे हैं. श्रीलंका में राष्ट्रपति राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने मध्य कोलंबो के कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास में धावा बोल दिया था. इसके बाद राजपक्षे ने घोषणा की थी कि वह इस्तीफा दे देंगे.

बागची ने कहा, ‘‘हम उन कई चुनौतियों से अवगत हैं जिनका श्रीलंका और उसके लोग सामना कर रहे हैं, और हम श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े हैं क्योंकि उन्होंने इस कठिन दौर से उबरने की कोशिश की है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है क्योंकि वे लोकतांत्रिक तरीकों, मूल्यों और संवैधानिक मार्ग के माध्यम से समृद्धि और प्रगति की आकांक्षाओं को साकार करना चाहते हैं.’’ उन्होंने श्रीलंका को उसके गंभीर आर्थिक संकट से निपटने में मदद करने के लिए भारत की वित्तीय सहायता का भी उल्लेख किया. बागची ने कहा, ‘‘श्रीलंका हमारी ‘पड़ोस पहले’ की नीति में केंद्रीय स्थान पर है, इसलिए भारत ने उसे आर्थिक संकट से निपटने के लिए इस वर्ष 3.8 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की सहायता दी.’’

भारत ने संकटग्रस्त श्रीलंका को दिया 44,000 टन यूरिया

भारत ने भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को ऋण सुविधा के तहत 44,000 टन से अधिक यूरिया मुहैया कराया है. भारतीय उच्चायोग ने यहां बताया कि श्रीलंका के किसानों को समर्थन और खाद्य सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए जारी प्रयासों की तहत यह मदद दी गई है.  श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले ने कृषि मंत्री मंिहदा अमरवीरा से मुलाकात कर उन्हें 44,000 टन से अधिक यूरिया आने की जानकारी दी.

भारतीय उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘उच्चायुक्त ने श्रीलंका के कृषि मंत्री से मुलाकात की और उन्हें भारत की तरफ से श्रीलंका को दी गई ऋण सुविधा के तहत आपूर्ति किए गए 44,000 टन से अधिक यूरिया के बारे में बताया.’’ उच्चायुक्त ने जोर देकर कहा कि भारत की तरफ से यह सहायता श्रीलंका के किसानों समेत लोगों का समर्थन करने और देश के नागरिकों की खाद्य सुरक्षा के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

By Yogesh Kumar Sahu