केजरीवाल को धन शोधन मामले में उच्चतम न्यायालय से नहीं मिली तत्काल राहत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 07 May 2024 07:07 PM
केजरीवाल को धन शोधन मामले में उच्चतम न्यायालय से नहीं मिली तत्काल राहत
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नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली. दो न्यायाधीशों की पीठ ने लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए उन्हें अंतरिम जमानत देने पर कोई आदेश नहीं सुनाया. केजरीवाल पर कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े एक मामले में धन शोधन का आरोप लगाया गया है.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने सुनवाई के दौरान अंतरिम जमानत देने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. पीठ ने यह भी कहा था कि वह अपराह्न दो बजे फैसला सुनाएगी, लेकिन फैसला नहीं सुनाया गया. पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. सिंघवी केजरीवाल की ओर से और राजू प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश हुए थे.

ईडी की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने लोकसभा चुनावों के कारण केजरीवाल के प्रति किसी भी तरह की नरमी दिखाने का कड़ा विरोध किया और कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को अंतरिम जमानत देना नेताओं के लिए एक अलग श्रेणी बनाने के समान होगा.

पीठ ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई को दो हिस्सों में बांटा है. केजरीवाल की मुख्य याचिका में ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है और इसे अवैध घोषित करने का अनुरोध किया गया है, जबकि दूसरा पहलू मौजूदा लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम जमानत देने से संबंधित है. अदालत ने अंतरिम जमानत देने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

सुनवाई के दौरान पीठ ने संकेत दिया कि कल न्यायाधीश अलग-अलग संयोजनों में बैठेंगे और यदि बुधवार के लिए सूचीबद्ध मामलों पर सुनवाई पूरी हो जाती है और न्यायाधीशों के पास समय होता है, तो वे ईडी द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई फिर से शुरू करेंगे.

न्यायमूर्ति खन्ना ने अंतरिम जमानत के मुद्दे पर फैसला सुनाने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित किए बिना कहा, ”अगर कल नहीं, तो हम इस मामले पर बृहस्पतिवार को सुनवाई कर सकते हैं. अगर बृहस्पतिवार को नहीं, तो हम इस मामले पर अगले सप्ताह विचार करेंगे.” इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने धन शोधन मामले में केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 20 मई तक बढ़ा दी.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने केजरीवाल की हिरासत 20 मई तक बढ़ा दी. केजरीवाल की हिरासत समाप्त होने पर उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था. केजरीवाल को इस मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नौ अप्रैल को केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखते हुए कहा था कि इसमें कुछ भी अवैध नहीं है और केजरीवाल के बार-बार समन की अवहेलना करने के बाद ईडी के पास बहुत कम विकल्प बचे हैं. यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार और धन शोधन से संबंधित है. यह नीति बाद में रद्द कर दी गई थी.

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