‘एलओपी’ का मतलब ‘लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा’ नहीं होता : अनुराग ठाकुर

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 30 Jul 2024 10:29 PM
‘एलओपी’ का मतलब ‘लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा’ नहीं होता : अनुराग ठाकुर
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नयी दिल्ली/सूरत. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि ‘एलओपी’ (विपक्ष के नेता) का मतलब ‘लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा’ (दुष्प्रचार के नेता) नहीं होता है. उन्होंने बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि राहुल गांधी को ‘रील का नेता’ नहीं बनना चाहिए और यह समझना चाहिए कि ‘रीयल नेता’ बनने के लिए सच बोलना पड़ता है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जो ”एक्सीडेंटल हिंदू” हैं, उनका महाभारत का ज्ञान भी ”एक्सीडेंटल” है.
उन्होंने कहा , ” एक नेता ने ‘कमल’ पर कटाक्ष किया. न जाने क्या दिक्कत है. कमल को बुरा दिखाने का प्रयास किया गया. जनता ने हमें लगातार तीसरी बार सत्ता में बैठाने का काम किया है.” कमल भाजपा का चुनाव चिह्न है.

ठाकुर ने आरोप लगाया, ”आप (राहुल) कमल का अपमान नहीं कर रहे हैं, आप भगवान शिव, बुद्ध का अपमान कर रहे हैं.” उन्होंने कटाक्ष किया, ”केवल रील के नेता मत बनिए, रीयल नेता बनने के लिए सच बोलना पड़ता है.” उन्होंने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक उपन्यास का हवाला देते हुए कहा कि महाभारत और भारत की तुलना करके क्या लिखा गया है, उसे राहुल गांधी को पढ़ना चाहिए.
ठाकुर ने कहा, ”जिस पार्टी के सर्वेसर्वा आप हैं वही कौरव पार्टी है.” उन्होंने दावा किया कि अपने उपन्याय में थरूर ने अपने ही सांसद को ‘धृतराष्ट्र’ बताया है.

भाजपा नेता ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि दुशासन और दुर्योधन ने भी कभी आपातकाल नहीं लगाया था. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पहले चक्रव्यूह ने देश का विभाजन कराया, दूसरे चक्रव्यूह ने चीनियों को सौगात दी, तीसरे चक्रव्यूह ने देश में आपातकाल लगाया, चौथे चक्रव्यूह ने ‘बोफोर्स’ घोटाला और सिखों का नरसंहार किया, पांचवें चक्रव्यूह ने सनातन के खिलाफ विमर्श गढ़ा, छठे चक्रव्यूह ने देश की राजनीति, संस्कृति और परंपरा को नुकसान पहुंचाया. ठाकुर ने कहा कि सातवें चक्रव्यूह का नाम वह नहीं लेंगे.

उन्होंने कटाक्ष किया, ”इस उपन्यास के बारे में राहुल जी को पता चलेगा तो कहीं वे थरूर पर कार्रवाई न कर दें.” भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लिए ओबीसी का मतलब ‘ओनली फॉर ब्रदर इन लॉ कमीशन’ है. उन्होंने दावा किया, ”वह ‘लीडर ऑफ अपोजिशन’ का मतलब नहीं जानते हैं. एलओपी का मतलब लीडर ऑफ प्रोपेगैंडा नहीं होता है.” उन्होंने दावा किया कि कांगेस से जुड़े एक पूर्व प्रधानमंत्री ने ओबीसी को आरक्षण देने का विरोध किया था. ठाकुर ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल केंद्रीय बजट नहीं, बल्कि जनभावनाओं का बजट है.

राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर हिंदुस्तान को अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंसाने का आरोप लगाया था और कहा था कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) इस चक्रव्यूह को तोड़ेगा. उन्होंने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए यह दावा भी किया था कि इस बजट में चंद पूंजीपतियों के एकाधिकार और लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट करने वाले राजनीतिक एकाधिकार को मबजूती प्रदान की गई है, जबकि युवाओं, किसानों तथा मध्यम वर्ग को नजरअंदाज कर दिया गया है.

तावडे ने लोकसभा में डोभाल का नाम लेने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महासचिव विनोद तावडे ने एक दिन पहले लोकसभा में दिये गये राहुल गांधी के भाषण को लेकर उनकी आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि राजनीतिक विमर्श में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के नाम का उल्लेख करना दुर्भाग्यपूर्ण है.

गुजरात के सूरत शहर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सोमवार को केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान तथ्य और आंकड़े प्रस्तुत करने के बजाय राहुल गांधी ने उन अधिकारियों की तस्वीर पेश की जिन्होंने बजट तैयार किया था.
तावडे ने कांग्रेस नेता पर मध्यमवर्ग का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष के तौर पर संसद में राहुल गांधी का भाषण नुक्कड़ पर दिया जाने वाले राजनीतिक भाषण ज्यादा था. संसद कोई नुक्कड़ नहीं है. उन्होंने चक्रव्यूह के बारे में बोलते हुए एनएसए अजित डोभाल का नाम लिया. लोग डोभाल को अत्यंत सम्मान करते हैं. राजनीति में डोभाल के नाम के उल्लेख का यह कृत्य दुर्भाग्यपूर्ण है.”

लोकसभा में अनुराग ठाकुर के भाषण की प्रधानमंत्री मोदी ने तारीफ की, लोगों से सुनने की अपील की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में दिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य अनुराग ठाकुर के भाषण की मंगलवार को सराहना की और कहा कि इसे अवश्य सुना जाना चाहिए. पूर्व केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने अपने भाषण के दौरान, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संबोधन पर राजनीतिक रूप से पलटवार किया.

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”मेरे युवा और ऊर्जावान सहयोगी अनुराग ठाकुर का यह भाषण अवश्य सुना जाना चाहिए. तथ्यों और व्यंग्य का एक सही मिश्रण है, ‘इंडी’ गठबंधन की गंदी राजनीति को उजागर करता है.” ठाकुर ने लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर उन पर पलटवार किया. भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकारों के दौरान हुए कथित घोटालों और अतीत में उसके नेताओं द्वारा विपक्ष के नेता से सवाल पूछने के लिए जाति आधारित कोटा के बारे में आलोचनात्मक संदर्भों का उल्लेख किया.

जाति आधारित गणना के मुद्दे पर, राहुल की जाति के संबंध में उनके सवाल के कारण लोकसभा में हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष ने इसे अपमान बताया और कहा कि यह उन्हें जातिवार गणना की अपनी मांग पर अड़े रहने से नहीं डिगा पाएगा. प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में बजट पर चर्चा पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब की सराहना की. उन्होंने कहा, “वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल के बजट की और यह समाज के हर वर्ग के लिए क्या प्रदान करता है, इस बारे में एक बहुत व्यापक तस्वीर प्रस्तुत की है. उन्होंने विकास और सुधारों के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है.”

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