चार बच्चों की मां के हिंदू के साथ रहने के लिए भारत आने का एकमात्र कारक ‘प्रेम’: पाक एजेंसियां

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 17 Jul 2023 10:18 PM
चार बच्चों की मां के हिंदू के साथ रहने के लिए भारत आने का एकमात्र कारक ‘प्रेम’: पाक एजेंसियां
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लाहौर/नोएडा. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने सरकार को सूचित किया है कि प्यार ही वह “एकमात्र” कारक है जिसके कारण चार बच्चों की मां एक हिंदू व्यक्ति के साथ रहने के लिए भारत में घुस गई. सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. भारतीय युवक से पाकिस्तानी महिला की दोस्ती एक ऑनलाइन खेल मंच के माध्यम से हुई थी.

सिंध प्रांत के कराची की सीमा गुलाम हैदर और भारत में रहने वाले सचिन मीणा 2019 में पबजी खेलते समय संपर्क में आए थे.
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय सीमा और 22 वर्षीय सचिन दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में रहते हैं, जहां सचिन किराने की दुकान चलाता है.

स्थानीय उर्दू दैनिक ‘जंग’ ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा, “पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर ने केवल प्यार के कारण एक भारतीय व्यक्ति (सचिन मीणा) से शादी करने के लिए देश छोड़ा, क्योंकि अभी तक कोई अन्य कारण/मकसद सामने नहीं आया है.” खबर में कहा गया, “पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, देश छोड़ने की वजह हिंदू भारतीय व्यक्ति से ‘प्यार’ के अलावा कोई और नजर नहीं आता. रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है.”

सीमा को सात साल से कम उम्र के अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते बिना वीजा के अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में चार जुलाई को गिरफ्तार किया गया था. सचिन को अवैध अप्रवासियों को शरण देने के लिए सलाखों के पीछे डाल दिया गया था. बाद में दोनों को जेल से रिहा कर दिया गया.

अपने मदरसे का इस्तेमाल हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण कराने और यहां तक कि डाकू बनाने में करने के लिए कुख्यात ग्रामीण सिंध के धार्मिक नेता मियां मिट्ठू ने खुले तौर पर सीमा को वापस लौटने पर दंडित करने की धमकी दी है. उनके समर्थकों ने सीमा के गांव में हिंदू पूजा स्थलों पर हमला करने की भी धमकी दी है.

रविवार को सिंध में राधा स्वामी दरबार मंदिर पर हमले की खबरें आईं. ‘जैकबाबाद जनरल हिंदू पंचायत’ के अध्यक्ष लालचंद सीतलानी और अन्य पदाधिकारियों ने हमले की निंदा की है. इस बीच, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने काशमोर और घोटकी में “30 हिंदुओं के अपहरण की रिपोर्ट” पर चिंता व्यक्त की है. आयोग ने रविवार को एक ट्वीट में कहा, “एचआरसीपी काशमोर और घोटकी में बिगड़ती कानून व्यवस्था की खबरों से चिंतित है, जहां महिलाओं और बच्चों सहित हिंदू समुदाय के लगभग 30 सदस्यों को संगठित अपराध गिरोहों द्वारा बंधक बना लिया गया है.”

एचआरसीपी ने कहा, “इसके अलावा, हमें परेशान करने वाली खबरें मिली हैं कि इन गिरोहों ने उच्च श्रेणी के हथियारों का उपयोग करके समुदाय के पूजा स्थलों पर हमला करने की धमकी दी है. सिंध गृह विभाग को तुरंत इस मामले की जांच करनी चाहिए और इन क्षेत्रों में सभी संवेदनशील नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए.”

उप्र पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते ने पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर,उसके भारतीय साथी से पूछताछ की

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर से पूछताछ की, जो मई में अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी और अब ग्रेटर नोएडा में अपने भारतीय साथी सचिन मीणा के साथ रह रही है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि शाम को भी पूछताछ जारी थी तथा सचिन और उसके पिता नेत्रपाल सिंह से भी पूछताछ की गई.

उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-र्सिवसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) के एक संदिग्ध एजेंट को पड़ोसी देश में अपने आकाओं को ”रक्षा प्रतिष्ठानों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी” प्रदान करने के आरोप में लखनऊ से गिरफ्तार करने के एक दिन बाद यह घटनाक्रम हुआ.

साथ ही, एटीएस द्वारा पाकिस्तानी महिला से पूछताछ ऐसे समय में की गई है, जब ग्रेटर नोएडा में एक दक्षिणपंथी समूह ने धमकी दी है कि अगर अपने चार बच्चों के साथ अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाली सीमा हैदर को 72 घंटों के भीतर देश से बाहर नहीं निकाला गया तो वह विरोध प्रदर्शन करेगा. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीमा, सचिन और नेत्रपाल सिंह से एटीएस ने सोमवार को पूछताछ की तथा स्थानीय पुलिस इस प्रक्रिया में शामिल नहीं थी.

एटीएस के एक अधिकारी ने बताया, ”राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित संवेदनशील मामले में पूछताछ के नतीजे के आधार पर, पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, या नहीं भी किया जा सकता है.” अधिकारी ने कहा कि स्थानीय पुलिस मामले की अलग से जांच कर रही है और अभी आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है.

वहीं, एक अल्पज्ञात समूह ने धमकी दी है कि अगर सीमा हैदर और उनके चार बच्चों को ”72 घंटों के भीतर” देश से बाहर नहीं निकाला गया तो वे विरोध प्रदर्शन शुरू कर देंगे. सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में खुद को समूह का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया कि ”सीमा एक जासूस है” और देश के खिलाफ ”किसी साजिश का हिस्सा” है.

सीमा और सचिन की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) साद मियां खान ने बताया कि दोनों को कोई अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान नहीं की गई है. खान ने कहा, ”आठ जुलाई को दोनों के जेल से बाहर आने के बाद भीड़ को संभालने के लिए उस गांव में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी, जहां सचिन और सीमा वर्तमान में रहते हैं.”

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ग्रेटर नोएडा) अशोक कुमार ने कहा कि जिस इलाके में दोनों रहते हैं, वहां कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है. कुमार ने कहा, ”हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.” सीमा अपने चार बच्चों के साथ मई में नेपाल से बस में भारत आई थी, ताकि वह अपने साथी सचिन के साथ रह सके, जो उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में रहता है. दोनों पहली बार 2019 में ऑनलाइन गेम ‘पबजी’ से एक-दूसरे के संपर्क में आए थे.

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