रूस-यूक्रेन संघर्ष में किसी भी पक्ष को परमाणु विकल्प नहीं अपनाना चाहिए: सिंह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 26 Oct 2022 08:56 PM
रूस-यूक्रेन संघर्ष में किसी भी पक्ष को परमाणु विकल्प नहीं अपनाना चाहिए: सिंह
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु से कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से निकाला जाना चाहिए और किसी भी पक्ष को परमाणु विकल्प पर विचार नहीं करना चाहिए. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शोइगु ने फोन पर हुई बातचीत में सिंह को संघर्ष प्रभावित यूक्रेन के मौजूदा हालात से अवगत कराया जिसमें ‘डर्टी बम’ का इस्तेमाल करके उकसावे वाली कार्रवाई को लेकर ंिचताएं शामिल हैं.

सिंह का यह संदेश रूस के साथ ही यूक्रेन का समर्थन कर रहे पश्चिमी देशों के लिए भी एक संदेश है कि परमाणु विकल्प का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. मामले के जानकार लोगों ने यह बात कही. यूक्रेन के पास कोई परमाणु आयुध नहीं है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने परोक्ष रूप से इस तरह की धमकी दी थी कि मॉस्को संघर्ष तेज होने की स्थिति में अपने क्षेत्र का बचाव करने के लिए परमाणु हथियारों के विकल्प का इस्तेमाल कर सकता है.

रूस से मिलीं खबरों के अनुसार पुतिन ने बुधवार को रूस के रणनीतिक परमाणु बलों के अभ्यास का निरीक्षण किया जिसमें यूक्रेन संघर्ष को लेकर पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच शक्ति प्रदर्शन के लिए बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का कई बार प्रायोगिक परीक्षण करना शामिल है.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘सिंह ने संघर्ष के जल्द समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के मार्ग को अपनाने की जरूरत पर भारत का रुख दोहराया.’’ उसने कहा, ‘‘उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी पक्ष को परमाणु विकल्प को नहीं अपनाना चाहिए क्योंकि परमाणु या रेडियोलॉजिकल हथियारों के इस्तेमाल की संभावना मानवता के मूलभूत सिद्धांत के खिलाफ है.’’ रूस और यूक्रेन में बढ़ती शत्रुता के बीच रूस के रक्षा मंत्री की पहल पर बातचीत की गयी.

मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और यूक्रेन के बिगड़ते हालात पर भी चर्चा की. रूस के एक वक्तव्य के अनुसार शोइगू ने सिंह के साथ यूक्रेन के हालात पर चर्चा की और उन्हें ‘एक डर्टी बम’ के उपयोग के साथ यूक्रेन द्वारा संभावित उकसावे वाली कार्रवाई’ को लेकर अपनी ंिचता से अवगत कराया. फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमलों की शुरुआत के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कई बार बात कर चुके हैं.

मोदी ने जेलेंस्की के साथ चार अक्टूबर को फोन पर हुई बातचीत में कहा था कि कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता और भारत शांति के किसी भी प्रयास में योगदान देने को तैयार है. मोदी ने 16 सितंबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में कहा था कि ‘‘आज का युग युद्ध का नहीं है.’’ भारत लगातार कहता रहा है कि संकट का समाधान कूटनीति और संवाद से निकाला जाना चाहिए.

रूस ने लगभग दो सप्ताह पहले क्रीमिया में एक बड़े विस्फोट के जवाब में यूक्रेन के अनेक शहरों को निशाना बनाकर मिसाइल हमले शुरू कर दिये हैं जिसके बाद दोनों के बीच टकराव बढ़ गया है. विस्फोट के लिए रूस ने यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया. यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से वहां नये सिरे से बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा है.

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