संयुक्त राष्ट्र. इजराइल-हमास संघर्ष के कारण जारी मानवीय संकट को “बेहद चिंताजनक” बताते हुए भारत ने एक बार फिर तनाव कम करने का आह्वान किया तथा बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया. पश्चिम एशिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में भारत का वक्तव्य देते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि एवं प्रभारी राजदूत आर. रविंद्र ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जिन्होंने पिछले वर्ष सात अक्टूबर को इजराइल पर हुए आतंकी हमलों की कड़ी एवं स्पष्ट रूप से निंदा की थी. वह गाजा स्थित हमास उग्रवादियों द्वारा इजराइल में किए गए घातक हमले का जिक्र कर रहे थे.
रविंद्र ने बुधवार को कहा, “इजराइल-हमास संघर्ष को नौ महीने हो चुके हैं, और जारी मानवीय संकट बेहद चिंताजनक है.” उन्होंने कहा, “हमने जारी इजराइल-हमास संघर्ष में नागरिकों की जान जाने की भी निंदा की है.” उन्होंने कहा कि भारत ने तनाव कम करने का आह्वान किया है तथा बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया है. भारत ने तत्काल, संपूर्ण युद्धविराम, सुरक्षित, समय पर एवं सतत मानवीय सहायता तथा गाजा पट्टी में राहत एवं आवश्यक मानवीय सेवाओं तक निर्बाध पहुंच का अपना आह्वान दोहराया.
भारत ने सभी बंधकों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई का भी आह्वान किया. रविंद्र ने कहा, “इस दिशा में, हम क्षेत्र के देशों, विशेष रूप से कतर और मिस्र द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना करते हैं.” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि भारतीय नेतृत्व इजराइल और फलस्तीन दोनों के नेतृत्व के साथ संपर्क बनाए हुए है.