जम्मू-कश्मीर में सर्दी का प्रकोप, श्रीनगर समेत कई स्थानों पर दर्ज की गई सबसे ठंडी रात

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर व कुछ अन्य स्थानों पर इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई और घाटी में कई जगहों पर न्यूनतम तापमान जमाव ंिबदु से कई डिग्री नीचे चला गया। श्रीनगर में बीती रात न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछली रात शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था।

अधिकारियों ने बताया कि यह इस मौसम की सबसे ठंडी रात थी। इसके अलावा श्रीनगर में दर्ज यह तापमान, पिछले पांच साल में जनवरी के महीने में दूसरी बार सबसे कम तापमान था। इससे पहले 2021 में 31 जनवरी को शहर का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर के अलावा काजीगुंड और कुपवाड़ा में भी मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। घाटी के प्रवेश द्वार काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो कल रात से एक डिग्री नीचे है। उन्होंने बताया कि सीमांत जिले कुपवाड़ा में भी न्यूनतम तापमान शून्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

अनंतनाग जिले के पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडा स्थान रहा। वार्षिक अमरनाथ यात्रा का आधार शिविर पहलगाम में ही है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में प्रसिद्ध स्की रिजॉर्ट गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 7.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने क्षेत्र में शुष्क मौसम की संभावना जताई है, जिससे आगामी कुछ दिन रातें ज्यादा ठंडी और दिन अपेक्षाकृत गर्म रहेंगे।
डॉक्टरों का कहना है कि इस सर्दी में सामान्य से कम बारिश के कारण स्थानीय निवासियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं।

शून्य से नीचे तापमान की वजह से कश्मीर घाटी में कई जलाशय जम गए हैं। मौसम विभाग ने कहा कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, सात जनवरी की रात अलग-अलग स्थानों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। आठ जनवरी से 13 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर बर्फबारी की 70 फीसदी संभावना है।

कश्मीर में इस समय ‘‘चिल्लई कलां’’ का दौर जारी है। 40 दिन का यह दौर सबसे मुश्किल समय होता है, जब बर्फबारी सबसे ज्यादा होती है। यह 21 दिसंबर से शुरू होकर 30 जनवरी को समाप्त होता है। घाटी में ‘‘चिल्लई खुर्द’’ (छोटी सर्दी) के 20 दिन और ‘‘चिल्लई बच्चा’’ (शिशु सर्दी) के 10 दिन के बाद भी ठंड जारी रहती है।

Related Articles

Back to top button