कराची. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत की माच जेल पर आतंकियों ने रॉकेट और अत्याधुनिक हथियारों से हमला कर दिया, लेकिन सुरक्षा बलों ने कम से कम तीन समन्वित हमलों को विफल कर दिया और एक प्रतिबंधित समूह के कम से कम पांच आतंकवादी मार गिराया. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोमवार रात कम से कम 15 रॉकेट केंद्रीय माच जेल को निशाना बनाते हुये दागे गये. उन्होंने बताया कि इस जेल में कई खतरनाक आतंकवादियों और ऐसे कैदियों को रखा गया है, जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई है.
बलूचिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री जान अचकजई ने कहा पाकिस्तानी सेना और ‘फ्रंटियर कांस्टेबुलरी बलूचिस्तान’ ने इन हमलों को विफल करने के लिए बेहद तेजी से कार्रवाई की.
उन्होंने कहा, ”हमले के दौरान सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के पांच आतंकवादियों को मार गिराया.” उन्होंने, ” उन्होंने माच जेल की ओर जो रॉकेट दागे थे, वे लक्ष्य को नहीं भेद पाये.” अपुष्ट खबरों के अनुसार, हमले में कम से कम दो पुलिसकर्मी की मौत हो गई और एक ट्रक चालक घायल हो गया है, लेकिन हताहतों या घायलों की संख्या के बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
रॉकेट पास के पर्वतों से दागे गए और माच शहर के विभिन्न इलाकों में विस्फोट हुए.
रॉकेट दागने के बाद आतंकियों ने केंद्रीय कारागार के पास सुरक्षा बलों के शिविर पर हमला किया और माच रेलवे स्टेशन में भी घुस गए. अधिकारी ने बताया कि लगातार हो रही गोलीबारी को देखते हुये लाउडस्पीकर से घोषणा करके लोगों से घर के अंदर ही रहने के लिए कहा गया.
बलूचिस्तान जेल के महानिरीक्षक शुजा कासी ने पुष्टि करते हुये कहा कि रॉकेट माच जेल की आवासीय कॉलोनी की दीवारों पर गिरे.
उन्होंने कहा, ” गोले और रॉकेट कॉलोनी की दीवारों के नजदीक फटे. अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.” उन्होंने बताया कि माच जेल में 800 कैदी बंद हैं, जिनमें कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई है.
मंत्री ने दावा किया आतंकवादी असलम अचो समूह से संबद्ध थे और बाद में प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) समूह के मजीद ब्रिगेड ने हमले की जिम्मेदारी ली. एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि हथियारों से लैस आतंकवादियों और सेना के बीच कई घंटों तक गोलीबारी होती रही और सूर्य उदय होने से पहले वे आसपास के पर्वतीय इलाकों की ओर भाग गए. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिष्ठान को कोई नुकसान नहीं हुआ है. पाकिस्तान की ओर से जनवरी में ईरान में आतंकी समूह के ठिकानों पर हमला किया गया था. कहा जा रहा है कि उसी के जवाब में माच जेल पर यह हमला किया गया है.