लॉस एंजिलिस/मास्को. रूस में निजी सैन्य बल ‘वैग्नर समूह’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन कौन थे या हैं? साधारण शुरुआत करने वाले प्रिगोझिन कभी एक मामूली अपराधी हुआ करते थे, लेकिन सोवियत संघ की जेल में नौ साल की सजा काटने के बाद वह खान-पान की वस्तुएं बेचने वाले कारोबारी बन गए और बाद में धीर-धीरे रेस्तरां की श्रृंखला का संचालन करने लगे.
वैग्नर समूह का गठन करने वाले प्रिगोझिन को रूसी सरकार का करीबी माना जाता रहा है. वैग्नर लड़ाकों ने यूक्रेन में रूस की तरफ से लड़ाई लड़ी, लेकिन रूसी सरकार के युद्ध लड़ने के तौर-तरीकों और वैग्नर लड़ाकों के मारे जाने की खबरों के बीच प्रिगोझिन ने कुछ महीने पहले रूसी सरकार की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी. सैन्य रणनीति के संबंध में प्रिगोझिन की शिकायतों में विशेष रूप से रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु पर निशाना साधा गया था.
जून में, प्रिगोझिन ने रूस की सरकार के खिलाफ बगावत का ऐलान करते हुए वैग्नर लड़ाकों को मॉस्को की ओर मार्च का आदेश दिया था. मॉस्को में बुधवार को एक विमान दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई और माना जा रहा है कि मृतकों में निजी सैन्य समूह ‘वैग्नर ग्रुप’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन भी शामिल हैं. दुर्घटना के समय प्रिगोझिन 62 वर्ष के थे.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रिगोझिन के क्या संबंध थे? इस बारे में कुछ कहना काफी जटिल है, लेकिन प्रिगोझिन को पुतिन का करीबी माना जाता था. क्रेमलिन में उनके द्वारा प्रदान की गई सेवाओं और पुतिन द्वारा उनके रेस्तरां में भोजन करने के दौरान प्रिगोझिन से नजदीकी के कारण ही उन्हें ‘पुतिन का शेफ’ कहा जाता था.
जून में, जब प्रिगोझिन ने मॉस्को के खिलाफ बगावत शुरू की तो उन्हें एहसास हुआ होगा कि वह अपनी सार्वजनिक आलोचना से बहुत आगे निकल चुके हैं. सर्गेई सुरोविकिन, एकमात्र जनरल जिनकी वह प्रशंसा करते हैं, ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रिगोझिन को बगावती सुर छोड़ने और पुतिन की ”आज्ञा मानने” के लिए कहा था.
इसके बाद प्रिगोझिन ने जल्द ही वैग्नर लड़ाकों के मार्च को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि वह ”रूसी खून” नहीं बहाना चाहते हैं. इसके बाद, प्रिगोझिन ने कहा था कि बेलारूस में उनके संभावित निर्वासन से पहले उन्होंने पुतिन से मुलाकात की थी. आप ऐसा क्यों सोचते हैं कि पुतिन के विरोधी, जिनमें से कई मर चुके हैं या जेल में हैं, उनके साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं क्यों हुईं? प्रिगोझिन के असफल विद्रोह के बाद यह भी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उनकी विमान हादसे में मौत हो गई.
वास्तव में, आश्चर्य की बात यह थी कि पुतिन ने आरोप वापस ले लिए और प्रिगोझिन को बेलारूस जाने दिया. लेकिन, कई लोगों का मानना है, जिनमें मैं भी शामिल हूं, कि प्रिगोझिन को अंतत? उन अन्य लोगों जैसा अंजाम भुगतना पड़ा, जिन्होंने पुतिन की सत्ता को चुनौती दी थी.
इस सूची में रूसी भौतिक विज्ञानी, राजनीतिज्ञ और पुतिन के आलोचक बोरिस नेमत्सोव शामिल हैं, जिनकी 2015 में हत्या कर दी गई थी. इसी तरह, रूस में विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी, जो 2020 में कथित तौर पर पुतिन द्वारा जहर दिए जाने की साजिश रचने के बाद से जेल में हैं.
क्या प्रिगोझिन की मौत से पुतिन और रूस के प्रति अमेरिकी नीति में कोई बदलाव आएगा? अंत में, जब तक प्रिगोझिन के विद्रोह का असर जमीनी स्तर तक नहीं हुआ, मुझे नहीं लगता कि उनकी मृत्यु से यूक्रेन युद्ध या पुतिन और रूस के प्रति अमेरिकी नीति की दिशा बदलने की संभावना है.
विमान दुर्घटना में प्रिगोझिन की मौत को रूस के बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा
निजी सेना वैगनर के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन और उनके समूह के शीर्ष अधिकारियों की एक विमान दुर्घटना में मौत को व्यापक रूप से रूस के बदले की कार्रवाई और हत्या के रूप में देखा जा रहा है. दो महीने पहले प्रिगोझिन की बगावत ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की साख को खासा नुकसान पहुंचाया था. रूस की नागर विमानन एजेंसी ने बताया है कि प्रिगोझिन और उनकी सेना के छह शीर्ष अधिकारी एक विमान में सवार थे, जो तीन लोगों के चालक दल के साथ बुधवार को मास्को से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
बचावर्किमयों को सभी 10 शव मिल गए हैं. रूसी मीडिया ने प्रिगोझिन के वैगनर समूह के सूत्रों का हवाला दिया जिन्होंने उनकी मृत्यु की पुष्टि की. अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के अधिकारियों का लंबे समय से मानना था कि 23-24 जून की बगावत को समाप्त करने वाले समझौते में आरोप वापस लेने का वादा करने के बावजूद पुतिन प्रिगोझिन को माफ नहीं करेंगे. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, ”मैं वास्तव में नहीं जानता कि क्या हुआ लेकिन मैं आश्चर्यचकित नहीं हूं. रूस में ऐसा बहुत कुछ नहीं होता है जिसके पीछे पुतिन न हों.” प्रिगोझिन समर्थकों ने मैसेजिंग ऐप के वैगनर समर्थक चैनल पर दावा किया कि विमान को जानबूझकर मार गिराया गया और उन्होंने इसके लिए कई तरह की आशंकाएं जताई हैं.
पुलिस ने उस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी जहां विमान का मलबा गिरा और जांचकर्ताओं ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. बुरी तरह से जले हुए शवों को फॉरेंसिक जांच के लिए ले जाने वाले वाहनों को घटनास्थल आते देखा गया. सेंट पीटर्सबर्ग में वैगनर के मुख्यालय में एक बड़े क्रॉस के आकार में रोशनी की गई. प्रिगोझिन के समर्थकों ने तुरंत बनाए गए एक स्मारक में फूल चढ.ाए. प्रिगोझिन के मारे जाने के बारे में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं लेकिन ज्यादातर विश्लेषकों ने वैगनर प्रमुख की मौत को पुतिन के 23 साल के शासन के लिए सबसे गंभीर चुनौती की सजा के रूप में देखा है.
कार्नेगी रूस यूरेशिया सेंटर में वरिष्ठ फैलो तातियाना स्तैनोवाया ने टेलीग्राम पर कहा, ”कोई फर्क नहीं पड़ता कि विमान दुर्घटना का कारण क्या था, हर कोई इसे क्रेमलिन द्वारा की गई बदले की कार्रवाई के रूप में देखेगा.” स्तैनोवाया ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ”पुतिन के दृष्टिकोण से, साथ ही सुरक्षा बलों और सेना के दृष्टिकोण से प्रिगोझिन की मौत उसके किसी भी संभावित समर्थकों के लिए एक सबक होनी चाहिए.”
प्रिगोझिन के लड़ाकों ने 23 जून को कूच करना शुरू किया और कुछ घंटों में रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में प्रवेश कर गए तथा एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया. प्रिगोझिन ने इस कदम को रूसी शीर्ष सैन्य नेताओं को हटाने के लिए ”न्याय का मार्च” कहा था, जिन्होंने मांग की थी कि भाड़े के सैनिक रक्षा मंत्रालय के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करें.
पुतिन ने बगावत को ”राजद्रोह” और ”पीठ में छुरा घोंपना” बताया और इसके दोषियों को दंडित करने का संकल्प लिया, लेकिन कुछ घंटों बाद एक समझौता हो गया जिसके बाद उन्हें बेलारूस जाने की अनुमति दी गई.
समझौते का विवरण सामने नहीं आया था, लेकिन प्रिगोझिन ने कथित तौर पर मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग, बेलारूस और अफ्रीका के बीच यात्रा की, जहां उनके भाड़े के लड़ाकों ने अपनी गतिविधियां जारी रखीं. इस सप्ताह की शुरुआत में, बगावत के बाद प्रिगोझिन का पहला वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि वह अफ्रीका में एक अज्ञात स्थान से बोल रहे हैं जहां वैगनर ”रूस को सभी महाद्वीपों पर और भी महान बना रहा है और अफ्रीका को और भी अधिक स्वतंत्र बना रहा है.” दूसरे देशों में प्रिगोझिन की गतिविधियों ने रूस के सैन्य नेतृत्व को कथित तौर पर परेशान कर दिया, जिन्होंने अफ्रीका में वैगनर के लड़ाकों के स्थान पर रूसी सैन्य र्किमयों की तैनाती की मांग की.