कोच्चि. रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ला रहे विमान को कोच्चि के नौसेना हवाई अड्डे पर उतरने की न तो अनुमति दी थी और न ही इससे इनकार किया गया था. एक रक्षा प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. कांग्रेस के इस आरोप के बाद यह स्पष्टीकरण आया है कि रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार तड़के गांधी के विशेष विमान को नौसेना हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
रक्षा प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कोच्चि में स्थित आईएनएस गरुड़ वायुसेना अड्डे को शुक्रवार सुबह 9:40 बजे और नौसेना मुख्यालय को लगभग सवा 10 बजे कन्नूर से 10:45 बजे उड़ान भरने वाले एक विमान को उतारने की अनुमति देने का अनुरोध मिला था.
उन्होंने कहा, ह्लदेर से किए गए अनुरोध और उड़ान के प्रस्थान से पहले समय की कमी के कारण, इसके लिए मंजूरी की प्रक्रिया नहीं की जा सकी.ह्व इससे पहले दिन में, एर्नाकुलम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद शियास ने आरोप लगाया था कि रक्षा मंत्रालय ने शुरू में नौसेना अड्डे पर विमान उतारने की अनुमति दी थी लेकिन बाद में यह अनुमति वापस ले ली गयी. उन्होंने कहा कि इसके बाद कन्नूर से गांधी को ले जाने वाले विमान को पास के नेदुंबसेरी में कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीआईएएल) की ओर भेज दिया गया.
रक्षा मंत्रालय ने नौसैनिक हवाईअड्डे पर राहुल गांधी के विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी : कांग्रेस
कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि रक्षा मंत्रालय ने उस विमान को यहां नौसैनिक हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया जिसमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सवार थे. एर्नाकुलम के जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष मोहम्मद शियास ने आरोप लगाया कि शुरू में नौसैनिक हवाई अड्डे पर विमान को उतारने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में यह अनुमति वापस ले ली गयी.
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इसके बाद, कन्नूर से राहुल गांधी को लेकर आ रहे विमान को पास के नेदुंबसेरी में ‘कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड’ (सीआईएएल) की ओर मोड़ दिया गया.
एक आधिकारिक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नौसैनिक स्टेशन पर निजी जेट विमानों को उतारे जाने की अनुमति देने का निर्णय रक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया था. हालांकि, उन्होंने इस विषय में विस्तार से जानकारी नहीं दी. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केरल के दौरे पर हैं और शुक्रवार को कोच्चि में उनके दो कार्यक्रम निर्धारित हैं.