राफा/नयी दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र. फलस्तीनियों के लिए राहत सामग्री लेकर 17 ट्रकों का एक काफिला रविवार को गाजा में दाखिल हुआ. पिछले दो दिन में राहत सामग्री की यह दूसरी खेप गाजा पहुंची है. मिस्र के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. सात अक्टूबर को हमास चरमपंथियों द्वारा दक्षिणी इजराइल में अप्रत्याशित हमले के बाद से गाजा के निवासी इजराइली नाकाबंदी का सामना कर रहे हैं, जिससे भोजन, पानी, दवाओं की किल्लत के साथ बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. इजराइल के हवाई हमलों के बीच घटते संसाधनों के कारण क्षेत्र के 20 लाख से अधिक निवासी बुनियादी जरूरत की चीजों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
भारत ने फलस्तीन को मानवीय सहायता भेजी
भारत ने रविवार को फलस्तीन के लोगों के लिए करीब साढ.े छह टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री भेजी. भारतीय वायु सेना का सी-17 परिवहन विमान राहत सामग्री लेकर मिस्र के अल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”भारत ने फलस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता भेजी है. फलस्तीन के लोगों के लिए लगभग साढ.े छह टन चिकित्सा सहायता तथा 32 टन आपदा राहत सामग्री लेकर आईएएफ सी-17 मिस्र के अल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ.”
उन्होंने कहा, ”सामग्री में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, र्सिजकल सामान, तंबू, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, स्वच्छता संबंधी सामान, जल शुद्धिकरण के लिए टैबलेट सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं.” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गाजा के एक अस्पताल में नागरिकों की मौत पर संवेदना व्यक्त करने तथा इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर भारत की लंबे समय से चली आ रही ‘सैद्धांतिक स्थिति’ को दोहराने के तीन दिन बाद भारत ने यह सहायता भेजी है.
प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को फलस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से कहा कि भारत फलस्तीन के लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेगा. भारत संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) में योगदान के माध्यम से फलस्तीन और फलस्तीनी शरणार्थियों का समर्थन करता रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के नेताओं, एजेंसियों ने गाजा में सहायता पहुंचने का स्वागत किया
संयुक्त राष्ट्र के नेताओं और एजेंसियों ने मिस्र से राफा सीमा पार कर गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक छोटी सी शुरुआत है. उन्होंने इस दौरान अपनी तत्काल युद्धविराम के लिए की गई अपील को भी दोहराया. इजिप्शियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी के 20 ट्रकों के काफिले ने मानवीय आपूर्ति के साथ गाजा में प्रवेश किया. यह पहली खेप है जो सात अक्टूबर को इजराइल पर फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के बाद गाजा पहुंची है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने शनिवार को कहा,” मैं, इस संबंध में मिस्र के प्रति गहरा आभार व्यक्त करता हूं. लेकिन गाजा को इससे बहुत अधिक चाहिए, उन्हें आवश्यक पैमाने पर मानवीय सहायता की निरंतर आपूर्ति की आवश्यकता है.” गुतारेस ने शांति के लिए काहिरा शिखर सम्मेलन में कहा,”हम इसे संभव बनाने के लिए संबंधित सभी पक्षों के साथ लगातार काम कर रहे हैं.”
संयुक्त राष्ट्र की पांच एजेंसियों संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ), विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और इजिप्शियन रेड क्रिसेंट सोसाइटी से पहली लेकिन सीमित जीवन रक्षक मानवीय आपूर्ति की खेप राफा सीमा को पार कर गाजा में पहुंची. यह खेप लाखों नागरिकों अधिकतर महिलाओं और बच्चों में से कुछ संख्या को तत्काल आवश्यक राहत जरूर प्रदान करेगी जो पानी, भोजन, दवा, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजें के अभाव का सामने कर रहे हैं.
एजेंसियों ने कहा,”यह बहुत छोटी शुरुआत है और लक्ष्य बहुत बड़ा है. गाजा में 16 लाख लोगों से अधिक को आवश्यक मानवीय मदद की जरुरत है. बच्चे, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा है. गाजा की आधी से अधिक आबादी बच्चों की है.”