कोलकाता में निर्माणाधीन इमारत ढहने से सात लोगों की मौत, ममता ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 18 Mar 2024 07:38 PM
कोलकाता में निर्माणाधीन इमारत ढहने से सात लोगों की मौत, ममता ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया
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कोलकाता. कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत ढहने से दो महिलाओं सहित कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. घटनास्थल पर बचाव अभियान में लगे अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ. सकती है क्योंकि कम से कम चार लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. उनमें से केवल एक के ही जीवित होने के संकेत हैं.

कोलकाता के महापौर फिरहद हकीम ने कहा कि घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है जहां यह इमारत अवैध रूप से बनायी जा रही थी. हाकिम ने बताया कि इमारत के प्रवर्तक मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शहर के पश्चिमी इलाके में अजान मुल्ला लेन में घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय निवासियों को अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. हाकिम ने कहा, ”एक भीषण हादसे में आधी रात के करीब एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत ढह गयी जिसमें दो महिलाओं सहित कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हैं.”

अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ” हम मलबा हटाने और नीचे फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गैस कटर तथा अन्य उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं. हम पीड़ितों की ओर सावधानी से आगे बढ. रहे हैं जिससे काफी समय लग रहा है.” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य और कोलकाता पुलिस आपदा प्रबंधन टीम के कर्मचारी भी मिलकर काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर मलबे का ढेर बहुत अधिक है, इसलिए बचावर्किमयों को फंसे हुए लोगों तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ” हमने इस हादसे के पीड़ितों की एक सूची तैयार की है. मलबे में दबने के कारण सात लोगों की मौत हो गई जिसमें से दो महिलाएं थीं. 15 घायल लोगों में से 11 लोगों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है और चार को प्रारंभिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है.”

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” कोलकाता नगर निगम के गार्डन रीच इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत ढहने की खबर के बारे में जानकर दुख हुआ. हमारे महापौर, दमकल मंत्री, सचिव, पुलिस आयुक्त, नगर निकाय, पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन अधिकारी तथा बचाव दल रात भर घटनास्थल पर मौजूद रहे.” उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक मृतक और घायल व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा देगी.

ममता ने कहा, ”हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं और बचाव अभियान जारी रहेगा.” हाकिम पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मंत्री भी हैं. उन्होंने कहा, ”मैंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की है और हम प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच लाख रुपये तथा प्रत्येक घायल को एक लाख रुपये देंगे.” तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इमारत ढहने की घटना बेहद दुखद है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ”इस घटना पर जो विपक्षी नेता तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं, उनके लिए मैं यही कहूंगा कि राजनीति इंतजार कर सकती है. हम बाद में भी राजनीति कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल हमें फंसे हुए लोगों को बचाने पर ध्यान देना चाहिए. हमें उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी. सभी संस्थानों को मिलकर काम करना चाहिए.’ मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि मलबे में दबे लोगों को जल्द बाहर निकाल लिया जाएग.

उन्होंने एक अस्पताल में घायलों से मुलाकात करने के बाद कहा, ”यह एक अवैध निर्माण है. मैं पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती हूं. मैं प्रशासन से अवैध निर्माण में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध करूंगी.” बृहस्पतिवार की शाम को अपने घर पर गिरने और सिर पर चोट लगने के बाद ममता पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखीं. उनके माथे पर टांके आए हैं.
ममता ने जब घटनास्थल का दौरा किया तब उनके माथे पर पट्टी बंधी हुई थी.

उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण की गतिविधियों को लेकर प्राधिकारियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण होने की बात स्वीकार करते हुए हाकिम ने कहा, ”वामपंथी शासन के बाद से यहां और कुछ अन्य इलाकों में यह एक चलन बन गया था.” उन्होंने यह भी माना कि यह ”अधिकारियों की ओर से चूक” हो सकती है कि वे इस पर नजर रखने में नाकाम रहे.

हाकिम ने कहा, ”यह स्थानीय पार्षद का काम नहीं है बल्कि नगर निकाय के अधिकारियों को नजर रखनी पड़ती है कि क्या कोलकाता नगर निगम द्वारा स्वीकृत योजनाओं के अनुसार निर्माण कार्य हो रहा है या नहीं.” इस बीच, मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रशासन से अवैध निर्माण में शामिल लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ”सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है.” राज्य के दमकल और आपात सेवा मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है और मलबे में दबे लोगों को जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा. कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने घटनास्थल का दौरा किया और बचाव अभियान का जायजा लिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत के ढहने से पहले कंक्रीट के टुकड़े गिरे थे. उन्होंने बताया कि इमारत के ढहने पर एक तेज आवाज आयी और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया. घनी आबादी वाले इस इलाके में इमारत का मलबा आसपास की झुग्गियों पर भी गिरा.
एक निवासी ने बताया, ”निर्माणाधीन इमारत में कोई रहता नहीं था लेकिन यह आसपास की झुग्गियों पर गिरी. हमें आशंका है कि कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं.”

पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”मैं पश्चिम बंगाल के गृह सचिव और कोलकाता के पुलिस आयुक्त से पश्चिम बंगाल राज्य आपदा प्रबंधन दल के साथ मिलकर तत्काल बचाव व राहत अभियान चलाने का अनुरोध करता हूं.” उन्होंने कहा, ”मुझे संभावित हताहतों के बारे में परेशान करने वाली कॉल आ रही हैं. कृपया ऐसे किसी भी दल को भेजिए जो पीड़ितों को बचाने में मदद कर सके, चाहे दमकल कर्मी हों, पुलिस हो या कोई अन्य दल.” अधिकारी ने घटनास्थल की तस्वीरें भी साझा कीं.

कोलकाता में इमारत गिरने के मामले में तृणमूल और भाजपा के बीच छिड़ा वाकयुद्ध

राज्य राजधानी में एक निर्माणाधीन भवन के गिरने से पांच लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे तृणमूल के कारण हुआ हादसा करार दिया वहीं सत्तारूढ. दल ने इस मामले में राजनीति नहीं किए जाने की नसीहत दी. कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में एक निर्माणाधीन पांच मंजिला भवन ढहने से दो महिलाओं सहित कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी.

घटनास्थल पर बचाव अभियान में लगे अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ. सकती है क्योंकि कम से कम चार लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. उनमें से केवल एक ही जिंदा हालत में नजर आ रहा है. इस बीच हादसे को लेकर तृणमूल एवं भाजपा के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया है. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल के नेतृत्व वाले कोलकाता नगर निगम (केएमसी) पर स्थानीय राजनेताओं और पुलिस की मिलीभगत से अवैध रूप से जल निकायों को भरने का आरोप लगाया.

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा ” 2010 के बाद जब से तृणमूल ने वाम मोर्चे को हटाकर कोलकाता नगर निगम (केमसी) पर नियंत्रण हासिल किया है, केएमसी क्षेत्र के भीतर ही 5,000 से अधिक जल निकायों को अवैध रूप से भर दिया गया है और परिर्वितत कर दिया गया है. शीर्ष तृणमूल नेताओं की शह पर स्थानीय पार्षदों, प्रवर्तकों और स्थानीय पुलिस के बीच मिलीभगत उस समय आसानी से पता चल गयी जब ऐसे जल निकायों को किसी भी कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं के बिना भर दिया जाता है.”

अधिकारी ने दावा किया कि गार्डन रीच क्षेत्र में 800 से अधिक ऐसे अवैध निर्माण मौजूद हैं, जिसे कोलकाता के मेयर और तृणमूल नेता फिरहद हकीम का इलाका माना जाता है.” उन्होंने कहा “क्या वह अज्ञानता का दिखावा कर सकते हैं? क्या इस बात पर विश्वास किया जा सकता है कि उनकी जानकारी के बिना उनकी नाक के नीचे ऐसे अवैध निर्माण हो रहे थे? यह कितनी शर्मनाक बात है कि दोषी ने अपने को बचाने वाले के भेष में पेश किया और राहत अभियान में (वीडियो) फुटेज में आगे नजर आये.”

अधिकारी ने कहा कि मृतकों के परिजनों के लिए पांच लाख रुपये और घायलों के लिए एक लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा तृणमूल द्वारा पैदा की गई त्रासदी की भयावहता को देखते हुए बहुत कम है. उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवारों को कम से कम 50 लाख रुपये दिए जाएं और घायलों को कम से कम 10 लाख रुपये मिलने चाहिए.

उन्होंने चुनाव आयोग का ध्यान इस ओर आर्किषत किया कि कैसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल नेताओं ने आम चुनावों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद मौद्रिक मुआवजे की घोषणा की. उन्होंने कहा, “मुआवजा राशि की कोई भी घोषणा केवल अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए, राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा नहीं.” उनके आरोपों पर पलटवार करते हुए, तृणमूल ने अधिकारी पर शवों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया.

तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा, “एक दुखद घटना हुई है, भाजपा शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े होने के बजाय शवों पर राजनीति करने में व्यस्त है, यह शर्मनाक है.” पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि घटना बेहद दुखद है. बनर्जी ने एक रैली को संबोधित करने के लिए उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले कहा, ” बहरहाल, मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. विपक्षी नेता इस संबंध में विभिन्न सवाल उठा रहे हैं. उनके लिए मैं कहूंगा कि राजनीति प्रतीक्षा कर सकती है. हम बाद में राजनीति कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल हमें फंसे हुए लोगों को बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. हमें उम्मीद है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना. सभी संस्थानों को मिलकर काम करना चाहिए.”

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