नयी दिल्ली. भारत के बेहद अमीर लोगों ने अपनी संपत्ति का करीब 32 प्रतिशत हिस्सा देश के भीतर और बाहर आवासीय संपत्तियों में निवेश किया हुआ है. एक रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई. संपत्ति सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अत्यंत धनवान भारतीयों की 32 प्रतिशत पूंजी आवासीय संपत्तियों में लगी हुई है. उनके आवासीय पोर्टफोलियो का करीब 14 प्रतिशत देश के बाहर आवंटित है.
तीन करोड़ डॉलर से अधिक की शुद्ध संपत्ति वाले लोगों को अत्यंत धनवान लोगों की श्रेणी में रखा जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में इस श्रेणी के एक भारतीय व्यक्ति के पास औसतन 2.57 घर हैं जबकि 28 प्रतिशत लोगों ने अपने दूसरे घरों को किराये पर दिया हुआ था. करीब 12 प्रतिशत धनाढ्य भारतीय वर्ष 2024 में एक नया घर खरीदने की योजना बना रहे हैं. पिछले साल भी करीब इतने ही प्रतिशत लोगों ने नया घर खरीदा था. वहीं वैश्विक स्तर पर 22 प्रतिशत बेहद अमीर लोगों के इस साल नया घर लेने की संभावना है.
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, “देश के अत्यंत धनवान लोगों के बीच महंगे घर निवेश का मुख्य जरिया बने हुए हैं.” इस रिपोर्ट के मुताबिक, महंगे आवासों के अंतरराष्ट्रीय सूचकांक में मुंबई 2023 में आठवें स्थान पर रहा जबकि साल भर पहले यह 37वें स्थान पर था. इसके पीछे लग्जरी आवासीय इकाइयों की कीमतों में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत वृद्धि की अहम भूमिका रही.
इस सूचकांक में फिलीपीन की राजधानी मनीला 26 प्रतिशत कीमत वृद्धि के साथ पहले स्थान पर रही जबकि दुबई 16 प्रतिशत वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई. वहीं भारतीय शहरों में दिल्ली 2022 के 77वें स्थान से उछलकर पिछले साल 37वें स्थान पर आ गया. वहीं बेंगलुरु 63वें स्थान से 59वें स्थान पर आ गया.