दो कट्टर नक्सलियों ने महाराष्ट्र पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण, 12 लाख का था इनाम

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 25 May 2022 06:23 PM
दो कट्टर नक्सलियों ने महाराष्ट्र पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण, 12 लाख का था इनाम

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नागपुर. महाराष्ट्र में हत्याओं, आगजनी और मुठभेड़ के विभिन्न मामलों में कथित रूप से शामिल दो कट्टर नक्सलियों ने गढ़चिरौली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इन नक्सलियों पर 12 लाख रुपये का इनाम था.
गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने एक विज्ञप्ति में कहा कि नक्सली हिंसा से तंग आ चुके थे. उन्होंने कहा कि कई नक्सली राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति की ओर आर्किषत हो रहे हैं.

विज्ञप्ति के मुताबिक, 2019 से अब तक 49 कट्टर नक्सलियों ने गोयल के सामने आत्मसमर्पण किया है, जिन्होंने आश्वासन दिया है कि हथियार डालने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के इच्छुक लोगों को सरकार की ओर से सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी. पुलिस ने बताया कि ताजा मामले में रामसिंह उर्फ सीताराम बक्का अतराम (63) और माधुरी उर्फ भूरी उर्फ सुमन राजू मट्टमी (34) ने आत्मसमर्पण किया. पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले दोनों नक्सलियों पर छह-छह लाख रुपये का इनाम था.

मट्टमी को 2002 में कसानसुर स्थानीय संगठन दस्ते (एलओएस) के सदस्य के रूप में भर्ती किया गया था और 2013 से अप्रैल 2022 तक उसने र्पिमली एलओएस में एक क्षेत्र समिति के सदस्य के रूप में काम किया. पुलिस ने कहा कि वह चार हत्याओं, 21 मुठभेड़ों और आगजनी की सात घटनाओं और पांच अन्य मामलों में शामिल थी और उसके खिलाफ 37 मामले दर्ज किए गए थे. पुलिस के अनुसार, मट्टमी ने आत्मसमर्पण किया क्योंकि नक्सली संगठनों में महिलाओं को वरिष्ठ माओवादियों द्वारा भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था.

विज्ञप्ति के मुताबिक, अतराम को 2005 में अहेरी एलओएस के सदस्य के रूप में भर्ती किया गया था. 2007 से 2012 तक उसने आंदोलन के उप-कमांडर के रूप में काम किया और एक हत्या और दो मुठभेड़ों में शामिल था. इसमें कहा गया है कि उसके खिलाफ तीन अपराध दर्ज किए गए थे. पुलिस ने कहा कि वह राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति आर्किषत था. बयान में कहा गया है कि अतराम और मट्टमी दोनों को अब सरकार से पुनर्वास के लिए साढ़े चार लाख रुपये मिलेंगे.

By Yogesh Kumar Sahu