नयी दिल्ली. राज्यसभा में बुधवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच 10 साल की अवधि में उसने आतंकवादी घटनाओं के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि उसमें राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी. इसके साथ ही नड्डा ने कांग्रेस नीत सरकारों पर पाकिस्तान के प्रति तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाया.
राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा ने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होने के कारण तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन अब देश में राजनीतिक इच्छाशक्ति से भरी हुयी नरेन्द्र मोदी सरकार है. उन्होंने कहा कि र्सिजकल स्ट्राइक या आपेशन सिंदूर से स्पष्ट होता है कि सरकार की इच्छाशक्ति से कुछ भी संभव है. उन्होंने कहा कि सेना पहले भी थी और आज भी है लेकिन उसे आदेश राजनीतिक नेतृत्व को देना होता है.
नड्डा उच्च सदन में ”पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा” में भाग ले रहे थे. नड्डा ने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम के लिए तैयार होने को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर समर्पण करने का आरोप लगा रही है लेकिन उसे पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.
उन्होंने 2004-14 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में हुई आतंकवादी घटनाओं की क्रमवार चर्चा की और दावा किया कि तत्कालीन संप्रग सरकार ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की और उसका कदम ‘डोजियर’ भेजने जैसे कदम तक ही सीमित रहा. नड्डा ने तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल को अमावस्या और मौजूदा सरकार के कार्यकाल को पूर्णिमा करार देते हुए कहा कि इस सरकार का संकल्प है और आतंकवादी और उन्हें संरक्षण देने वाले- दोनों को नहीं बख्शा जाएगा.
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद के साथ बातचीत और संधि भी चलती रही जबकि इस सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते और न ही आतंकवाद एवं व्यापार साथ-साथ हो सकते. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के संकल्प को स्पष्ट कर दिया है और उसी के अनुरूप कार्रवाई भी की है. भाजपा नेता ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आपरेशन सिन्दूर की कामयाबी भाजपा की नहीं बल्कि देश की कामयाबी है और इस पर विपक्ष को भी खुश होना चाहिए.
नड्डा ने कहा कि जिम्मेदार और संवेदनशील सरकार तथा कार्रवाई करने में शिथिलता बरते वाली सरकार के बीच अंतर होता है. उन्होंने कहा कि 2004-14 के दौरान कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की प्रतिक्रिया ढीली थी और उसने दिल्ली, वाराणसी, मुंबई सहित कई शहरों में आतंकवादी हमलों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यह तत्कालीन सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमलों के बावजूद तत्कालीन सरकार ने पाकिस्तान के साथ व्यापार, पर्यटन और बातचीत जारी रखी.
उन्होंने कहा, “आप आतंकवाद के बावजूद पाकिस्तान पर दबाव नहीं डालते थे.” प्रधानमंत्री मोदी के बयान कि पाकिस्तान ने गलती की है और उसे इसका खामियाजा भुगतना होगादिया है और उसे कीमत चुकानी होगी, का हवाला देते हुए नड्डा ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है.
उन्होंने इस आरोप का खंडन किया कि मोदी पहलगाम हमले के बाद चुनाव प्रचार के लिए बिहार गए थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पंचायती राज दिवस कार्यक्रम में भाग लेने गए थे. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस सरकार में “कश्मीर के अलावा, देश भर में आतंकी हमले बंद हो गए हैं. जम्मू कश्मीर को छोड़कर, देश के अन्य हिस्से में 2014 से 2025 में आज तक आतंकवाद की कोई घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कश्मीर में भी पत्थर फेंकने की घटनाएं शून्य हो गई हैं, और घाटी जो साल में औसतन 132 दिन बंद रहती थी, अब हर दिन खुली रहती है.