वडोदरा पुल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हुई, तीन अब भी लापता, चार अभियंता निलंबित

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 10 Jul 2025 10:59 PM
वडोदरा पुल हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हुई, तीन अब भी लापता, चार अभियंता निलंबित
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वडोदरा. गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बने पुल के ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई जबकि तीन लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. बुधवार सुबह पादरा कस्बे के निकट गंभीरा गांव के पास चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई वाहन महिसागर नदी में गिर गए. यह पुल आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ता है.

वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया ने संवाददाताओं को बताया, ”तीन लोग अब भी लापता हैं और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य एजेंसियों की कम से कम 10 टीम शवों की तलाश में खोज और बचाव अभियान चला रही हैं. अब तक 17 पीड़ितों के शव बरामद किए जा चुके हैं. पांच घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.” जिलाधिकारी ने कहा, ”बारिश और नदी में गहरे दलदल के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया है क्योंकि ऐसी स्थिति में कोई भी मशीन काम नहीं कर रही है.

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल बृहस्पतिवार को पुल ढहने के सिलसिले में कार्रवाई करते हुए राज्य के सड़क और भवन विभाग के चार अभियंताओं को निलंबित कर दिया. एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि निलंबित अधिकारियों की पहचान कार्यकारी अभियंता एनएम नायकवाला, उप कार्यकारी अभियंता यूसी पटेल और आरटी पटेल तथा सहायक अभियंता जेवी शाह के रूप में की गई है.

विज्ञप्ति के मुताबिक सड़क एवं भवन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री पटेल ने विशेषज्ञों से पुल पर की गई मरम्मत, निरीक्षण और गुणवत्ता जांच पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा था और इसी रिपोर्ट के आधार पर चार अभियंताओं को निलंबित करने का निर्णय लिया गया. विज्ञप्ति के मुताबिक पटेल ने विभाग के अधिकारियों को घटना के मद्देनजर राज्य के अन्य पुलों का तत्काल गहन निरीक्षण करने का आदेश दिया है.

इस बीच, अधिकारी इस खबर के बाद बचाव की मुद्रा में हैं कि एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अगस्त 2022 में इस पुल की खराब स्थिति की ओर ध्यान आर्किषत कराया था. पुल ढहने के बाद सोशल मीडिया मंच पर एक तीन साल पुराना ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता लखन दरबार, जो ‘युवा सेना’ संगठन चलाते हैं, को सड़क और भवन विभाग के एक अधिकारी से पुल की मरम्मत करने या नया पुल बनाने का आग्रह करते हुए सुना जा सकता है.

दरबार ने अधिकारी को बताया कि वडोदरा जिला पंचायत सदस्य हर्षदसिंह परमार ने भी विभाग को पत्र भेजकर चार दशक पहले बने पुल की स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी. गौरतलब है कि जब स्थानीय मीडिया ने घटना के बाद बुधवार को विभाग के वडोदरा मंडल के कार्यकारी अभियंता नायकवाला से बात की थी, तो उन्होंने दावा किया था कि विभाग के निरीक्षण के दौरान पुल में कोई बड़ी खराबी नहीं पाई गई थी.

मुख्यमंत्री द्वारा निलंबित चार अधिकारियों में से एक नायकवाला ने कहा था,”पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद करने की कोई मांग नहीं की गई थी. हमारी रिपोर्ट के अनुसार, हमारे निरीक्षण के दौरान कोई बड़ी क्षति नहीं पाई गई. बेयरिंग कोट में थोड़ी समस्या थी, लेकिन पिछले साल ही उसकी मरम्मत कर दी गई थी.” गुजरात में 2021 से अब तक पुल ढहने की कम से कम छह बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. सबसे भयावह घटना अक्टूबर 2022 में तब घटी जब मोरबी शहर में मच्छू नदी पर बने ब्रिटिशकालीन झूला पुल के ढह जाने से 135 लोगों की मौत हो गई थी.

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