नयी दिल्ली. कांग्रेस ने वस्त्र निर्यात के मामले में पिछले एक दशक में वियतनाम के भारत से कथित तौर पर आगे निकलने को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सोई हुई थी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक खबर भी साझा की जिसमें ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव डेटा’ का हवाला देते हुए दावा किया गया कि 2023-24 में भारत का वस्त्र निर्यात 14.5 अरब डॉलर था जो 2013-14 में 15 अरब डॉलर था.
उन्होंने कहा, ”वित्त मंत्री (निर्मला सीतारमण) ने रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए अर्थव्यवस्था के श्रम आधारित क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया. 2013-14 में भारत का वस्त्र निर्यात 15 अरब डॉलर था, जो चीन के बाद दूसरे स्थान पर था. 2023-24 में वस्त्र निर्यात 14.5 अरब डॉलर से कम था.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”पिछले दशक में वियतनाम और बांग्लादेश हमसे आगे निकल गए. वियतनाम का वस्त्र निर्यात दोगुने से अधिक है और बांग्लादेश का भारत के मुकाबले तीन गुना से अधिक है.” रमेश ने आरोप लगाया, ”यह स्पष्ट रूप से और पूरी तरह से खुदकुशी का मामला है. केंद्र सरकार सोई हुई थी.”
किसानों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है मोदी सरकार : कांग्रेस सांसद सुरजेवाला
राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार किसानों के प्रति बदले की भावना से काम कर रही है क्योंकि उसे लगता है कि इस वर्ग के कारण उसे आम चुनाव में स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया तथा किसानों से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की राशि को पूरी तरह से खर्च भी नहीं किया जा रहा है.
उच्च सदन में आम बजट 2024-25 और जम्मू कश्मीर के बजट पर संयुक्त चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने इसे ‘कुर्सी बचाओ, सहयोगी बचाओ और हार का बदला लेते जाओ बजट’ करार दिया. उन्होंने प्रश्न किया कि क्या सरकार को देश के अन्नदाता किसानों की कराह, गरीब की लाचारी और बेरोजगार युवा की चिल्लाहट सुनाई देती है? उन्होंने कहा, ”क्या जाति और धर्म के विभाजन में फंसे, सत्ता में बैठे हुक्मरान इतने अंधे हो गये हैं कि उन्हें अब अन्नदाता किसान, गरीब और युवा भी जाति नजर आते हैं?” उन्होंने कहा कि बजट भाषण में किसान, युवा और महिलाओं को तीन जाति बताया गया है.
सुरजेवाला ने कहा कि यह बजट ‘खेत, खेती और खेतिहर विरोधी’ है. उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में इस सरकार ने देश के 72 करोड़ अन्नदाता किसानों की ‘पीठ पर लाठी और पेट पर लात मारी है.’ उन्होंने कहा कि इन किसानों के शरीर के घाव तो मिट गये पर आत्मा पर लगे घाव के निशान अभी तक ज्यों के त्यों हैं. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने किसानों पर गोलियां चलायी, जीप से कुचलवाया और तीन काले कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों का उत्पीड़न किया.
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि जब किसानों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचायी गयी तो उन्होंने सत्तारूढ़ दल के 400 सीटों के दावे को हकीकत में 240 पर पहुंचा दिया जिसके बाद आज बजट के माध्यम से आप उसकी आजीविका छीन रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है. उनके इस आरोप का सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने तीखा विरोध किया.
कांग्रेस सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की कृषि उपज की लागत पर 50 प्रतिशत का मुनाफा और वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के दो वादे किये थे. उन्होंने कहा कि क्या 2024-25 का आम बजट इस पैमाने पर खरा उतर पाया? सुरजेवाला ने कहा कि बजट भाषण में किसानों को कृषि उपज की लागत पर 50 प्रतिशत मुनाफा देने की जो बात कही गई है वह एक असत्य दावा किया गया है. उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की कर्ज माफी के बारे में एक भी शब्द नहीं कहा गया है.