पश्चिम अफ्रीकी देशों के नाइजर में लोकतंत्र बहाली के लिए सेना भेजने की तैयारी से बढ़ा तनाव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 11 Aug 2023 09:00 PM
पश्चिम अफ्रीकी देशों के नाइजर में लोकतंत्र बहाली के लिए सेना भेजने की तैयारी से बढ़ा तनाव
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नियामी/नयी दिल्ली. नाइजर के नए सैन्य शासन और पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्रीय समूह के बीच तनाव बढ. रहा है. संगठन ने नाइजर के कमजोर लोकतंत्र को बहाल करने के लिए सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है. ईसीओडब्ल्यूएएस समूह ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को बहाल करने की रविवार की समय सीमा समाप्त होने के बाद नाइजर में संवैधानिक व्यवस्था बहाल करने के लिए एक ह्लस्टैंडबाई फोर्स (अतिरिक्त बल)ह्व को निर्देश दिया है.

इससे पहले दो पश्चिमी अधिकारियों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि नाइजर के जुंटा ने एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक से कहा था कि अगर पड़ोसी देशों ने बजौम के शासन को बहाल करने के लिए किसी भी सैन्य हस्तक्षेप का प्रयास किया, तो वे उन्हें (बजौम को) मार देंगे.

यह स्पष्ट नहीं है कि बल कब और कहां तैनात होगा और 15-सदस्यीय समूह के कौन से देश इसमें योगदान देंगे. संघर्ष के बारे में जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें नाइजीरिया के नेतृत्व में लगभग 5,000 सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद है और यह कुछ ही हफ्तों में तैयार हो सकता है.

ईसीओडब्ल्यूएएस की बैठक के बाद, पड़ोसी आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति अलासेन औटारा ने कहा कि उनका देश नाइजीरिया और बेनिन के साथ सैन्य अभियान में भाग लेगा. औटारा ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, ह्लआइवरी कोस्ट एक बटालियन भेजेगा और उसने सभी वित्तीय व्यवस्थाएं कर ली हैं… हम बजौम को उनके पद पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारा उद्देश्य उप-क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाना हैह्व.

करीब ढाई करोड़ की आबादी वाले देश नाइजर ने पश्चिमी देशों के लिए अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट समूह से जुड़े जिहादी विद्रोह को खत्म करने में साझेदारी की थी और अब वह आखिरी उम्मीदों में से एक के रूप में उन्हें (पश्चिम) देख रहा है. नाइजर में फ्रांस और अमेरिका के 2,500 से अधिक सैन्यकर्मी हैं और अन्य यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर उन्होंने अपनी सेना को बढ.ाने में करोड़ों डॉलर खर्च किए हैं. नाइजर में दो सप्ताह पहले सेना ने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम का तख्तापलट कर दिया था. बजौम ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है और वह नजरबंद हैं.

भारत ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द नाइजर छोड़ने की सलाह दी

भारत ने नाइजर में व्यापक हिंसा के मद्देनजर वहां रहने वाले अपने नागरिकों को उस देश को छोड़ने की शुक्रवार को सलाह दी. विदेश मंत्रालय ने एक परामर्श में कहा कि जिन भारतीयों का नाइजर में रहना जरूरी नहीं है, उन्हें जल्द से जल्द वह देश छोड़ देना चाहिए. नाइजर में दो सप्ताह पहले सेना ने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम का तख्तापलट कर दिया था. बजौम ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है और वह नजरबंद हैं.

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