लद्दाख में प्रदर्शन को लेकर खरगे का कटाक्ष: ‘मोदी की चीनी गारंटी’

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 20 Mar 2024 09:09 PM
लद्दाख में प्रदर्शन को लेकर खरगे का कटाक्ष: ‘मोदी की चीनी गारंटी’
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नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लद्दाख में पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि इस केंद्रशासित प्रदेश को लेकर दी गई ‘मोदी की गारंटी’ एक विश्वासघात है तथा यह ‘चीनी गारंटी’ है. पर्यावरणविद सोनम वांगचुक केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मोदी की चीनी गारंटी! लद्दाख में संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय समुदायों की सुरक्षा की मांग के पक्ष में समर्थन की एक मजबूत लहर है. लेकिन अन्य सभी गारंटी की तरह- लद्दाख के लोगों को संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की ‘मोदी की गारंटी’ एक बहुत बड़ा विश्वासघात है. यह नकली और चीनी है.”

उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार लद्दाख के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हिमालयी ग्लेशियर का दोहन करना चाहती है और अपने करीबी दोस्तों को फायदा पहुंचाना चाहती है. गलवान घाटी में हमारे 20 बहादुरों के बलिदान के बाद पीएम मोदी की चीन को क्लीन चिट ने हमारी रणनीतिक सीमाओं पर चीन की विस्तारवादी प्रकृति को बढ.ावा दिया है.”

खरगे ने दावा किया कि एक तरफ, मोदी सरकार ने क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है और दूसरी तरफ, वह लद्दाख के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला कर रही है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”19 जून, 2020 को चीन पर हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि एक भी चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा है. लेकिन चीन की सेना हमारे जवानों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देपसांग मैदानों तक जाने से रोक रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी चीन की सीमा पर पूर्व की यथास्थिति बहाल करने में विफल रहे हैं.

मोदी सरकार का ‘अरबपति राज’ ब्रिटश राज से भी ज्यादा असमानता भरा

कांग्रेस ने भारत में आय और संपदा की असमानता पर एक रिपोर्ट को लेकर बुधवार को सरकार पर प्रहार किया और आरोप लगाया कि ”नरेन्द्र मोदी सरकार का अरबपति राज” अब ब्रिटिश राज से भी अधिक असमानता वाला है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने’भारत में आमदनी और संपदा में असमानता, 1922-2023: अरबपति राज का उदय’ शीर्षक वाली रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कि 2014-15 और 2022-23 के बीच शीर्ष स्तर की असमानता में वृद्धि विशेष रूप से धन के केंद्रित होने से पता चलती है. रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ”मुख्य बात यह है: नरेन्द्र मोदी का अरबपति राज, जिसे प्रधानमंत्री ने अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने और अपनी पार्टी के अभियानों को वित्तपोषित करने के लिए पाला-पोसा, अब ब्रिटिश राज से भी अधिक असमानता वाला है.” उन्होंने कहा कि भारत के शीर्ष एक प्रतिशत लोगों द्वारा अर्जित राष्ट्रीय आय का हिस्सा अब अपने उच्चतम ऐतिहासिक स्तर पर है और वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है.

रमेश ने पेपर लीक से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए एक अन्य पोस्ट में कहा, ”बिहार में 15 मार्च को शिक्षक भर्ती परीक्षा में 3.75 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे. कुछ ही दिनों में पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी. कांग्रेस की 5 युवा न्याय गारंटियों में से एक ‘पेपर लीक से मुक्ति’ है.” उन्होंने कहा, ”पेपर लीक में शामिल अपराधियों को सिर्फ सजा देना पर्याप्त नहीं है. हमारा लक्ष्य किसी भी पेपर को लीक होने से रोकना है.”

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