आबकारी नीति ‘घोटाला’: गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 03 Apr 2024 07:33 PM
आबकारी नीति ‘घोटाला’: गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा
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नयी दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उस याचिका पर बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है. न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने दोनों पक्षों- आम आदमी पार्टी (आप) नेता केजरीवाल और ईडी- की ओर से पेश दलीलें सुनने के बाद कहा, “मैं फैसला सुरक्षित रख रही हूं.” इक्कीस मार्च को ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए आप के राष्ट्रीय संयोजक ने अपनी गिरफ्तारी के “समय” पर सवाल उठाया और कहा कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एवं समान अवसर मुहैया कराये जाने सहित संविधान की बुनियादी संरचना का उल्लंघन है.

केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलीलें रखीं. केजरीवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. एजेंसी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एस. वी. राजू ने याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि इस मामले में प्रथम दृष्टया धनशोधन का अपराध बनता है और वर्तमान में, याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच प्रारंभिक चरण में है. एएसजी ने ईडी के खिलाफ लगाए गए पूर्वाग्रह के आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनका मामला सबूतों पर आधारित है और “अपराधियों को गिरफ्तार किया ही जाना चाहिए और जेल भेजना चाहिए”.

ईडी की ओर से यह भी दलील दी गयी कि याचिका में याचिकाकर्ता के खिलाफ पारित पहले हिरासत आदेश पर हमला किया गया है, न कि बाद के आदेशों पर. अदालत ने केजरीवाल को पहली बार 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजने का आदेश दिया था. ईडी ने 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था क्योंकि उच्च न्यायालय ने उन्हें ईडी की दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण देने से इनकार कर दिया था. यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को तैयार करने और क्रियान्वित करने में कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन से संबंधित है और बाद में उस नीति को रद्द कर दिया गया था.

केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ अनशन करेंगे आम आदमी पार्टी के नेता
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सात अप्रैल को जंतर-मंतर पर अनशन करेंगे. पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने बुधवार को यह जानकारी दी. राय ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी ने फैसला किया है कि केजरीवाल की लड़ाई के लिए जनता से अधिकतम समर्थन हासिल करने की खातिर सात अप्रैल को देशव्यापी सामूहिक अनशन किया जाएगा.

उन्होंने कहा, “जो लोग अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ हैं, जो देश में लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, अन्याय और तानाशाही को रोकना चाहते हैं, उनसे आग्रह है कि वे अपने घरों, गांवों, मोहल्लों, ब्लॉक मुख्यालयों, तहसीलों, जिलों और राज्य की राजधानियों में सामूहिक अनशन करें.” सात अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामूहिक अनशन किया जाएगा, जिसमें दिल्ली के सभी मंत्री, विधायक, सांसद, पार्षद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाग लेंगे.

राय ने लोगों से सामूहिक रूप से प्रार्थना करने या यूट्यूब पर भक्ति गीत “रघुपति राघव राजा राम” सुनने का भी आग्रह किया.
उन्होंने कहा, “आप इसे सामूहिक रूप से गा सकते हैं. हम सब मिलकर प्रार्थना करेंगे कि केजरीवाल को शक्ति मिले और वह जेल में रहने के दौरान अत्याचार के खिलाफ लड़ सकें. हम सच्चाई को सामने लाने के लिए लड़ सकते हैं.” दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राय ने लोगों से ‘केजरीवाल को आशीर्वाद डॉट कॉम’ वेबसाइट पर तस्वीरें भेजने के लिए कहा.

उन्होंने कहा, “यह लड़ाई केजरीवाल की निजी लड़ाई नहीं है. उनकी लड़ाई देश और लोकतंत्र को तानाशाही, उत्पीड़न व अत्याचार से बचाने की है.” केजरीवाल को पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था. उन्हें 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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