चीन ने चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से नमूने एकत्र करने के लिए अपना चंद्र अन्वेषण मिशन भेजा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 03 May 2024 07:40 PM
चीन ने चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से नमूने एकत्र करने के लिए अपना चंद्र अन्वेषण मिशन भेजा
ऑडियो सुनें

बीजिंग/वेंचांग. चीन ने पहली बार चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से नमूने एकत्र करने और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए उन्हें पृथ्वी पर लाने के मकसद से शुक्रवार को एक चंद्र अन्वेषण मिशन भेजा. यह पूरा मिशन 53 दिनों का है. चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन (सीएनएसए) के अनुसार, चांग-6 मिशन पृथ्वी के कभी सम्मुख नहीं आने वाले चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से नमूने एकत्र करेगा और उन्हें लेकर पृथ्वी पर लौटेगा. चंद्रमा पर मानव अन्वेषण के इतिहास में ऐसा पहली बार किया जा रहा है. ‘चांग’ चंद्र अन्वेषण का नाम चीन के मिथकों में मिलने वाली एक देवी के नाम पर पड़ा है. चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से को पृथ्वी से नहीं देखा जा सकता है. प्रक्षेपण के एक घंटे बाद, एक अधिकारी ने घोषणा की कि चांग-6 का प्रक्षेपण पूरी तरह से सफल रहा है.

चीन के चंद्र मिशन को लॉंग मार्च-5 वाई8 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपित दिया गया. यह रॉकेट चीन के हैनान प्रांत के तट पर स्थित वेंचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से प्रक्षेपित किया गया. सीएनएसए के अनुसार, चांग-6 में चार उपकरण-”ऑर्बिटर, लैंडर, एसेंडर और री-एंट्री मॉड्यूल” हैं. इस मिशन के जरिये चंद्रमा पर धूल और चट्टानों के नमूने एकत्र करने के बाद एसेंडर उन्हें ऑर्बिटर तक पहुंचाएगा, जो नमूनों को री-एंट्री मॉडयूल को स्थानांतरित करेगा. इसके बाद, यह मॉड्यूल इन नमूनों को पृथ्वी पर लाएगा.

सीएनएसए ने इससे पहले कहा था कि मिशन का उद्देश्य स्वचालित तरीके से नमूने एकत्र करना और फिर चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से उन्हें लेकर लौटने जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकियों में सफलता हासिल करना है. सीएनएसए ने घोषणा की है कि फ्रांस, इटली और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी/स्वीडन के वैज्ञानिक उपकरण चांग-6 के लैंडर पर होंगे तथा ऑर्बिटर पर एक पाकिस्तानी उपकरण होगा. यह पहला मौका है जब चीन ने अपने चंद्र मिशन में अपने मित्र देश पाकिस्तान का एक ऑर्बिटर शामिल किया है.

पाकिस्तान से प्राप्त खबरों में इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (आईएसटी) के हवाले से कहा गया है कि उपग्रह आईसीयूबीई-क्यू को चीन के शंघाई विश्वविद्यालय और पाकिस्तान की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी सुपारको के सहयोग से आईएसटी द्वारा डिजाइन एवं विकसित किया गया है. चांग-5 चंद्र अन्वेषण मिशन के जरिये चंद्रमा के नजदीकी हिस्से से पृथ्वी पर नमूने लाये गए थे. चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि नमूनों के विश्लेषण में उन्होंने पाया कि चंद्रमा की सतह पर जल की सूक्ष्म बूंदें हैं. चीन की योजना भविष्य में चंद्रमा पर एक चंद्र स्टेशन स्थापित करने की भी है.

अंतरिक्ष क्षेत्र की एक बड़ी शक्ति चीन ने अतीत में चंद्रमा पर मानव रहित मिशन भेजे हैं जिनमें एक रोवर उतारना भी शामिल है. चीन ने मंगल ग्रह पर भी रोवर भेजे हैं. इससे पहले, चीन ने 2030 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री को उतारने की अपनी योजना की घोषणा की थी. भारत, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास रोवर उतारने वाला पहला देश है. पिछले साल, भारत का चंद्रयान-3 लैंडर और प्रज्ञान रोवर वहां सफलतापूर्वक उतरा था. पृथ्वी के सम्मुख कभी न आने वाला चंद्रमा का दूरस्थ हिस्सा रेडियो खगोल विज्ञान एवं अन्य वैज्ञानिक कार्य के लिए उपयोगी है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu