महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक महिला की शिकायत पर कथावाचक डॉ. इंद्रदेव महाराज के खिलाफ दुष्कर्म की FIR दर्ज हुई है। बिहार की रहने वाली महिला का आरोप है कि दिसंबर 2023 में वृंदावन स्थित आश्रम में महाराज ने उसे कमरे में बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने पारिवारिक समस्याएं दूर करने का झांसा देने का भी आरोप लगाया है। महाराष्ट्र पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने पति और दो बेटियों के साथ महाराष्ट्र के ठाणे में रहती है। महिला के मुताबिक, अप्रैल 2023 में मुंबई के सांताक्रूज़ इलाके में आयोजित एक सत्संग के दौरान वह डॉ. इंद्रदेव महाराज के संपर्क में आई थी। वहां उसने महाराज से दीक्षा ली और अपने परिवार की कुछ निजी एवं पारिवारिक समस्याएं उनके सामने रखीं।
पीड़िता का आरोप है कि महाराज ने उसकी समस्याएं दूर करने का भरोसा दिया और लगातार संपर्क में रहने को कहा। इसी झांसे में आकर दिसंबर 2023 में वह अपनी बेटियों के साथ वृंदावन स्थित सेवाधाम आश्रम पहुंची। महिला ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वृंदावन आश्रम में रुकने के दौरान एक रात महाराज ने उसे अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के बहाने अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।
यही नहीं, पीड़िता का यह भी आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने नवंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान उसे व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो कॉल किए और आपत्तिजनक हरकतें करने के लिए दबाव बनाया। जब महिला ने इसका विरोध किया और बदनामी के डर से दूरी बनानी चाही, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पीड़िता का कहना है कि 17 जून 2026 को भी महाराज ने फोन पर उसे बुरी तरह धमकाया था, जिसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर कानूनी सहारा लेने का फैसला किया। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर जब कथावाचक डॉ. इंद्रदेव महाराज से पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। महाराज ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए दावा किया कि उन्हें फंसाने और बदनाम करने की साजिश रची जा रही है तथा उनसे अवैध रूप से धन उगाही (Extortion) करने के लिए यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।
फिलहाल, महाराष्ट्र पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर गहन छानबीन शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से धार्मिक और संत समाज के गलियारों में सनसनी फैल गई है। स्थानीय पुलिस और विवेचना अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।