लंदन. ऋषि सुनक ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में अपनी विदाई की बेला पर 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ”मैंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया.” संभवत: वह इसी रूप में इतिहास में दर्ज किये जाएंगे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का आधिकारिक अवास और कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने वाले भारतीय मूल के प्रथम व्यक्ति, प्रथम हिंदू नेता और प्रथम गैर-श्वेत व्यक्ति सुनक (44 वर्ष) के नेतृत्व में कंजर्वेटिव पार्टी ने अपने इतिहास में सबसे खराब चुनावी प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद सुनक अपने पीछे एक विरासत छोड़ गए हैं.
उनके ये शब्द कि, ”आधुनिक ब्रिटेन के बारे में सबसे उल्लेखनीय चीजों में से एक यह है कि शीर्ष पद के लिहाज से उनकी प्रवासी जड़ें कितनी ‘गौण’ थीं, और यह बात न केवल 18 लाख भारतीय प्रवासियों बल्कि बहुत से अन्य लोगों को याद रहेगी.” ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक के निदेशक सुंदर कटवाला कहते हैं कि उन्हें लगता है कि इतिहास ऋषि सुनक के आकलन के प्रति अपेक्षाकृत उदार रहेगा.
टोरी सरकार के 12 वर्षों के बाद अक्टूबर 2022 में पदभार संभालने पर सुनक को विरासत में मिली उथल-पुथल पर विचार करते हुए कटवाल ने यह बात कही.
उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि सुनक को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाएगा जिसने बहुत ही कठिन आर्थिक, भू-राजनीतिक परिस्थितियों में चीजों को नियंत्रण में रखने के लिए कड़ी मेहनत की. और जो वास्तव में उनके पास नहीं था वह एक राजनीतिक नुस्खा था जिसके लिए जादू की छड़ी की आवश्यकता हो सकती थी, लेकिन उन्होंने कुछ हफ्तों के भीतर दो प्रधानमंत्रियों को खोने वाली सरकार की एक बहुत ही अराजक अवधि के बाद देश को एक बेहतर स्थिति में ला दिया.”
शेयर बाजार से जुड़े व्यवसायी और सहकर्मी लॉर्ड करण बिलिमोरिया ने कहा, ”मैं ऋषि को सचमुच एक दशक से जानता हूं, और मैं उन्हें और उनकी पत्नी अक्षता को बहुत पसंद करता हूं. वे शानदार लोग हैं, सभ्य लोग हैं. वह बहुत प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं, बहुत सक्षम व्यक्ति हैं.” ”यह बहुत दुखद है कि हमारे पास शीर्ष पद पर एक भारतीय के होने की यह ऐतिहासिक उपलब्धि है. हालांकि वह अपनी पार्टी को कई दशकों में मिली सबसे बड़ी हार के साथ विदा हो रहे हैं – यह कोई गर्व की स्थिति नहीं है. लेकिन वह एक सभ्य व्यक्ति हैं, एक प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं, एक मेहनती व्यक्ति हैं. मुझे एक मिनट के लिए भी उनकी मंशा पर संदेह नहीं है. यह बहुत शर्म की बात है कि यह इतना निराशाजनक रहा है.”
‘यूके इंडियन बिजनेस काउंसिल’ (यूकेआईबीसी) के प्रबंध निदेशक केविन मैककोले ने कहा, ”उनकी विरासत यूनाइटेड किंगडम के पहले ब्रिटिश भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में रहेगी. मुझे लगता है कि यह एक बेहद प्रतीकात्मक क्षण है.” इस बीच सुनक, उनकी भारतीय पत्नी, उनकी बेटियां कृष्णा और अनुष्का और परिवार का कुत्ता ‘नोवा’ अब 10 डाउन स्ट्रीट को अलविदा कह गए हैं. अक्षता मूर्ति के सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि परिवार उत्तरी यॉर्कशायर के रिचमंड में अपने घर में वापस आ गया है, जहां सुनक ने आगामी सालों में एक सांसद के रूप में अपने मतदाताओं की सेवा करने का वादा किया है.