केरल के लिए नियमित रूप से बारिश संबंधी चेतावनियां जारी की गई थीं: आईएमडी प्रमुख

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 01 Aug 2024 07:56 PM
केरल के लिए नियमित रूप से बारिश संबंधी चेतावनियां जारी की गई थीं: आईएमडी प्रमुख
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नयी दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभाग ने देश के पश्चिमी तट पर बारिश संबंधी गतिविधि के बारे में नियमित तौर पर पूर्वानुमान जारी किए थे और 30 जुलाई की सुबह केरल के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया था, जिस दिन वायनाड जिले में भूस्खलन होने पर 177 लोगों की मौत हुई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा था कि केरल सरकार ने वायनाड में भारी बारिश के कारण संभावित प्राकृतिक आपदा के संबंध में केंद्र सरकार की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया.

मंगलवार (30 जुलाई) की सुबह वायनाड जिले में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 177 लोगों की मौत हो चुकी है. शाह के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को कहा था कि आईएमडी ने भूस्खलन से पहले जिले में केवल ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था. हालांकि, उन्होंने कहा था कि जिले में 572 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जो आईएमडी के पूर्वानुमान की तुलना में काफी अधिक थी. आईएमडी प्रमुख ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मौसम विभाग ने 18 जुलाई और 25 जुलाई को आगामी दिनों में भारत के पश्चिमी तट पर महत्वपूर्ण वर्षा संबंधी गतिविधि के बारे में पूर्वानुमान जारी किया था.

महापात्रा ने कहा, “25 जुलाई को जारी लंबी अवधि के पूर्वानुमान में 25 जुलाई से 1 अगस्त तक देश के पश्चिमी तट और मध्य भागों में वर्षा संबंधी गतिविधि होने का संकेत दिया गया था. हमने 25 जुलाई को ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था, जो 29 जुलाई तक जारी रहा, फिर हमने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया. 30 जुलाई की सुबह ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया, जो दर्शाता है कि 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है.”

उन्होंने कहा कि केरल में लगातार बारिश हो रही है और भूस्खलन में ‘कुल बारिश’ भी एक महत्वपूर्ण कारक है. आईएमडी प्रमुख ने कहा कि ऑरेंज चेतावनी का मतलब है, ”कार्रवाई के लिए तैयार रहें और रेड अलर्ट का इंतजार न करें.” उन्होंने कहा कि इसी तरह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए भी चेतावनी जारी की गई थी. हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 40 लोग लापता हो गए. हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण कई मकान और सड़कें बह गईं और दो पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं. महापात्रा ने कहा कि यह पता लगाना मुश्किल है कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटा है या नहीं.

उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, दिल्ली में भी (बुधवार रात को) बहुत कम समय में भारी बारिश हुई. हम इसे बहुत तीव्र बारिश कहते हैं.” उन्होंने बताया, “दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का कारण मानसून का (अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण से) उत्तर की ओर चले जाना है.” महापात्रा ने कहा कि दिल्ली के लिए अगले दो दिन के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है.

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