छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और कला-संगीत के विविध रंगों से सजे तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का समापन होगा। समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। इस अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। राज्योत्सव के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं, शास्त्रीय नृत्य, आदिवासी संस्कृति और बॉलीवुड संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
पद्मश्री उषा बारले की प्रस्तुति से गूंजेगा राज्योत्सव का मुख्य मंच
राज्योत्सव के अंतिम दिन मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। शाम 6 से 6.30 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। इसके बाद शाम 6.30 से 7 बजे तक छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री सुश्री उषा बारले अपनी विशिष्ट प्रस्तुति से दर्शकों को प्रदेश की आध्यात्मिक और लोक संस्कृति से परिचित कराएंगी।
रात 9 बजे अभिजीत भट्टाचार्य की संगीतमय प्रस्तुति
मुख्य मंच पर शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश की प्रतिभाओं को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। राज्य अलंकरण समारोह के पश्चात रात 9 बजे से बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य अपनी लोकप्रिय संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। अपनी विशिष्ट गायन शैली और मधुर आवाज के लिए प्रसिद्ध श्री अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुति राज्योत्सव के समापन को यादगार बनाएगी। उनके गीतों के साथ तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का संगीतमय समापन होगा।
रायपुर की आस्था भट्ट भजन गायन के माध्यम से भक्तिमय वातावरण निर्मित करेंगी। दुर्ग की श्रीमती आरती बारले पंथी नृत्य की प्रस्तुति देंगी। कबीरधाम के श्री राकेश सेन अपनी लोकमंच प्रस्तुति से दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं से परिचित कराएंगे। रायपुर के दिनेश कुमार जांगड़े पंथी नृत्य प्रस्तुत करेंगे, वहीं सुश्री पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जगराता भजनों की प्रस्तुति देंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोकआस्था, धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक सांस्कृतिक जीवन की झलक देखने को मिलेगी।