नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सोमवार को एक खबर का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ‘ग्रेट निकोबार’ अवसंरचना परियोजना में ”अनियमितताएं” देखी गई हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट ‘एक्स’ पर पोस्ट की जिसमें कहा गया कि ‘ग्रेट निकोबार’ द्वीप के निवासियों ने सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट के बाद उचित और व्यापक मुआवजा पैकेज की मांग उठाई है. ये स्थानीय लोग ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हुए हैं.
प्रस्तावित हवाई अड्डा 72,000 करोड़ रुपये की ‘ग्रेट निकोबार’ अवसंरचना परियोजना का हिस्सा है.
पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण से पहले किए गए सामाजिक प्रभाव आकलन में कई कमियां हैं. उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रभाव आकलन द्वीप के तनावपूर्ण जल संसाधनों पर अधिक आबादी और पर्यटकों के बोझ के प्रभाव का समाधान करने में विफल रहा है. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यह उन कम से कम 263 परिवारों पर विस्थापन के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाता है, जिनमें से ज्यादातर पूर्व सैनिकों के वंशज हैं तथा कई पीढि.यों से द्वीप पर रह रहे हैं. रमेश ने आरोप लगाया, ”यह स्पष्ट होता जा रहा है कि इस परियोजना के हर आयाम में अनियमितताएं और कदाचार देखा गया है.”