कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जिस प्रशिक्षु डॉक्टर की कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई, उसकी पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को धमकी देने के आरोप में कोलकाता में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि तलताला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की गई.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ”शिकायत मिली है कि सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर ”कीर्तिसोशल” यूजरनेम से एक व्यक्ति ने हाल ही में आरजी कर एमसीएच में हुई घटना से संबंधित तीन खबरें अपलोड की हैं, जिनमें पीड़िता की तस्वीर और पहचान का खुलासा किया गया है.” अधिकारी के अनुसार, ”उसी समय, आरोपी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के खिलाफ दो खबरें भी साझा कीं, जिनमें आपत्तिजनक टिप्पणियां थीं और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी. टिप्पणियां बहुत ही भड़काऊ प्रकृति की थीं, सामाजिक अशांति पैदा कर सकती थीं और समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा दे सकती थीं.” पुलिस ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा.
सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही पुलिस : तृणमूल नेता
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने सोमवार को कहा कि पुलिस केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो सोशल मीडिया पर गलत जानकारी या फर्जी ऑडियो पोस्ट कर रहे हैं और उस प्रशिक्षु चिकित्सक की पहचान उजागर कर रहे हैं, जिसकी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई. घोष ने कहा कि लोग विरोध कर सकते हैं, लेकिन उचित तरीके से.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अगर आपको लगता है कि आपको विरोध करना चाहिए, तो उचित तरीके से सौ बार करें, हजार बार करें. लेकिन अगर आप गलत जानकारी या फर्जी ऑडियो साझा करते हैं, विकृत धारणाएं कायम करने की कोशिश करते हैं, जानबूझकर भड़काने वाले पोस्ट करते हैं या मृतका का नाम और फोटो उजागर करते हैं, तो पुलिस आपको चेतावनी देगी.” कोलकाता पुलिस ने रविवार को तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय को तलब किया था.
रॉय ने आरजी कर अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और हत्या मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से निष्पक्ष कार्रवाई करने का आह्वान किया था. उन्होंने सीबीआई से संस्थान के पूर्व प्राचार्य और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की थी, ताकि यह पता चल सके कि मामले में “किसने क्यों आत्महत्या की कहानी गढ़ी.” एक पुलिस सूत्र ने बताया कि कोलकाता पुलिस ने घटना के संबंध में कथित तौर पर गलत जानकारी पोस्ट करने के लिए रॉय को रविवार शाम चार बजे लालबाजार स्थित अपने मुख्यालय में अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा.
एक अधिकारी ने कहा कि कोलकाता पुलिस ने कथित तौर पर अफवाहें फैलाने और आरजी कर अस्पताल में कथित बलात्कार एवं हत्या की शिकार महिला डॉक्टर की पहचान उजागर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी और दो नामी चिकित्सकों को भी समन जारी किया है.
उन्होंने बताया कि डॉ. कुणाल सरकार और डॉ. सुबर्णा गोस्वामी को रविवार दोपहर तीन बजे लालबाजार में कोलकाता पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. अधिकारी के अनुसार, इन लोगों के अलावा पुलिस ने घटना के बारे में गलत जानकारी फैलाने के लिए 57 अन्य लोगों को भी समन जारी किया है. परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक का शव नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल के संगोष्ठी कक्ष में मिला था. पुलिस ने इस घटना की जांच के सिलसिले में अगले दिन एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार किया था.