अदालतों को इंजीनियर रशीद की तरह आम आरोपियों को भी जमानत देनी चाहिए : सज्जाद गनी लोन

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 15 Oct 2024 09:01 PM
अदालतों को इंजीनियर रशीद की तरह आम आरोपियों को भी जमानत देनी चाहिए : सज्जाद गनी लोन

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श्रीनगर/नयी दिल्ली. पीपुल्स कांफ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने मंगलवार को कहा कि जिस तरह से अदालत ने बारामूला के सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को जमानत दी, उसी प्रकार आम आरोपियों को भी जमानत देनी चाहिए. लोन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” मेरी दिल्ली की अदालत से करबद्ध प्रार्थना है. कृपया क्या आप इतनी ही उदारता जमानत अवधि बढ़ाने या जमानत देने में दिखाएंगे जैसा आप वीवीआई आरोपी व एक सांसद के मामले में दिखा रहे हैं.” पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष ने यह टिप्पणी दिल्ली की एक अदालत द्वारा इंजीनियर रशीद की अंतरिम जमानत 28 अक्टूबर तक बढ़ाने के फैसले पर की.

लोन ने कहा, ”दो लोग इसी तरह के या इसी मामले में जेल में मर गए. कोई जमानत नहीं दी गई. अधिकतर अन्य आरोपी बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से ग्रस्त हैं. उन्हें भी राहत की जरूरत है. उनके भी परिवार हैं. उनके अपनी घरेलू समस्याएं हैं. वे भी इनसान हैं.” नवनिर्वाचित विधानसभा में हंदवाड़ा से चुने गए प्रतिनिधि ने कहा कि उच्चतम न्यायिक मानकों और निष्पक्षता का दायित्व संबंधित अदालतों और जांच एजेंसियों पर है.

उन्होंने कहा, ”अदालतों को इसी तरह की उदारता दिखानी चाहिए. जांच एजेंसियां ??जमानत की अवधि बढ़ाने का विरोध नहीं कर रही हैं. उन्हें अन्य आरोपियों के प्रति भी ऐसी ही दया दिखाने की जरूरत है.” लोन ने कहा, ”दो नियम नहीं होने दे. एक ही नियम सभी पर लागू हों.”

अदालत ने आतंक वित्तपोषण मामले में सांसद इंजीनियर रशीद की अंतरिम जमानत 28 अक्टूबर तक बढ़ाई

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को आतंक वित्तपोषण मामले में जम्मू-कश्मीर के सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद की अंतरिम जमानत 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने रशीद के पिता की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर यह आदेश दिया. इससे पहले राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने कहा कि उसने दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया है और वह आवेदन का विरोध नहीं कर रहा है.

न्यायाधीश ने मामले में रशीद की नियमित जमानत याचिका पर भी आदेश 28 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया. आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि यह आखिरी बार है, जब उनके मुवक्किल ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का अनुरोध कर रहे है. वकील ने कहा कि एनआईए ने उनके मुवक्किल द्वारा किसी भी शर्त का उल्लंघन करने का आरोप नहीं लगाया है.

By Yogesh Kumar Sahu