तेल अवीव/रोम. चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला का मुख्य प्रवक्ता मध्य बेरूत में इजराइली हमले में मारा गया. हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. रविवार को मध्य बेरूत पर एक महीने से अधिक समय में पहला इजराइली हवाई हमला हुआ. अधिकारी ने बताया कि हमले में हिजबुल्ला के मुख्य प्रवक्ता मोहम्मद अफीफ की मौत हो गई.
सितंबर में इजराइल की सैन्य कार्रवाई में वृद्धि होने और लंबे समय से हिजबुल्ला के नेता रहे हसन नसरल्ला के मारे जाने के बाद, अफीफ अपने संगठन का मीडिया में पक्ष रख रहा था. इससे पहले, इजराइली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की थी. सेना ने लोगों से कई इमारतों को खाली करने के लिए आगाह किया था. इस इलाके में हिजबुल्ला आतंकवादी समूह की मजबूत उपस्थिति है और ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब लेबनानी अधिकारी अमेरिका की मध्यस्थता वाले युद्ध विराम प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं.
रविवार को ही इजराइल की पुलिस ने कहा कि उन्होंने तटीय शहर कैसरिया में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निजी आवास पर गोले दागे जाने के बाद तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बताया कि जब रात में नेतन्याहू और उनका परिवार अपने आवास पर नहीं थे, तब दो गोले दागे गए और इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. पिछले महीने हिजबुल्ला ने ड्रोन से भी आवास पर हमला किया था, उस समय भी नेतन्याहू और उनका परिवार घर से बाहर थे.
जांच कराई जाए कि गाजा पर इजराइल का हमला ‘जनसंहार’ की श्रेणी में तो नहीं : पोप फ्रांसिस
कैथोलिक ईसाई धर्म के शीर्ष नेता पोप फ्रांसिस ने यह तय करने के लिए जांच का आह्वान किया है कि क्या गाजा में इजराइल के हमले ‘नरसंहार’ हैं. ‘पोप जुबली ईयर’ से पहले रविवार को जारी एक नई पुस्तक के अंशों से यह जानकारी दी गई. पोप फ्रांसिस ने पहली बार गाजा पट्टी में इजराइल की सैन्य कार्रवाई के दौरान ‘नरसंहार’ के आरोपों की जांच के लिए खुलकर मांग की है. उन्होंने सितंबर में कहा था कि गाजा और लेबनान में इजराइल के हमले ‘अनैतिक’ और असंगत हैं और उसकी सेना युद्ध नियमों से परे चली गई है.
हर्नान रेयेस अलकेड द्वारा लिखित और पोप के साथ साक्षात्कार पर आधारित इस पुस्तक का शीर्षक है ”आशा कभी निराश नहीं करती. बेहतर दुनिया की ओर मुसाफिर”. इस किताब का लोकार्पण पोप फ्रांसिस की ”2025 जुबली” से पहले किया जाएगा. उम्मीद है कि फ्रांसिस की एक साल चलने वाली ‘जुबली’ को मनाने के लिए तीन करोड़ से अधिक यात्री रोम आएंगे.
इतालवी दैनिक ‘ला स्टैम्पा’ में रविवार को प्रकाशित अंशों के मुताबिक पोप ने कहा, ”कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, गाजा में जो कुछ हो रहा है, उससे नरसंहार के लक्षण मिले हैं.” उन्होंने कहा, ”हमें सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए कि क्या यह न्यायविदों और अंतरराष्ट्रीय निकायों द्वारा तैयार की गई तकनीकी परिभाषा के अनुरूप है.”