नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने रविवार को दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 13 साल पहले राजनीति में शामिल होने के बाद से उनके बारे में कई निराधार टिप्पणियां की हैं और वह (हिमंत) जो कुछ भी कह रहे हैं, उनमें से 99 प्रतिशत ”बकवास” है.
गोगोई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शर्मा को तथ्यों को सार्वजनिक रूप में रखना चाहिए और सितंबर जैसी किसी काल्पनिक समयसीमा की आड़ लेना बंद करना चाहिए. इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गोगोई ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निमंत्रण पर पाकिस्तान का दौरा किया था और उन्होंने पड़ोसी देश के प्रतिष्ठान के साथ करीब से काम किया था.
शर्मा ने गुवाहाटी में एक आधिकारिक कार्यक्रम के मौके पर पत्रकारों से कहा कि सरकार के पास इस दावे के समर्थन में दस्तावेजी सबूत हैं और उचित सत्यापन के बाद ”हर सबूत 10 सितंबर तक जनता के सामने पेश किया जाएगा.” गोगोई ने कहा, ”मैं असम के मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हूं. कारण का पता नहीं लेकिन असम (की राजनीति) में प्रवेश के बाद से ही मैं उनके निशाने पर हूं. उन्होंने (शर्मा) पिछले 13 वर्षों में मेरे बारे में कई निराधार टिप्पणियां की हैं. सबसे हालिया टिप्पणी बेहद बेतुकी है.” लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि जब कोई घरेलू परेशानी होती है तो उसका असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ता है.
कांग्रेस नेता ने कहा, ”हम यह सुनिश्चित करेंगे कि 2026 के (विधानसभा चुनाव के) बाद उन्हें कुछ आराम मिले. मुख्यमंत्री जिस पटकथा पर काम कर रहे हैं, वह बी-ग्रेड फिल्म से भी बदतर है.” गोगोई ने दावा किया कि एक झूठ को छिपाने के लिए अनगिनत बार झूठ बोलना पड़ता है और मुख्यमंत्री ठीक यही कर रहे हैं.
शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”वह कोई तथ्य नहीं दे रहे हैं और केवल ‘आईटी सेल ट्रोल’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं. एक मुख्यमंत्री को एक ट्रोल जैसा नहीं होना चाहिए. यदि उनके पास अपने हालिया आरोप के समर्थन में कोई तथ्य है तो उन्हें इसे सार्वजनिक करना चाहिए.” गोगोई ने कहा कि उन्हें संदेह है कि शर्मा सितंबर में भी कोई ठोस तथ्य सामने रखेंगे या नहीं. अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य की खराब आर्थिक स्थिति और राजनीतिक संरक्षण में चल रहे कोयला-मादक पदार्थ माफिया पर ध्यान केंद्रित करेगी.
गोगोई पर व्यक्तिगत हमले का उद्देश्य शर्मा के भ्रष्टाचार से ध्यान हटाना है: कांग्रेस
कांग्रेस ने रविवार को कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा लोकसभा में पार्टी के उपनेता गौरव गोगोई पर किये गए व्यक्तिगत हमले का उद्देश्य लोगों का ध्यान भाजपा नेता के ”भ्रष्टाचार और कुकृत्यों” से हटाना है. जोरहाट से कांग्रेस सांसद गोगोई ने उनपर पाकिस्तान से संबंध होने का आरोप लगाने के लिए शर्मा की आलोचना की और राज्य के मुद्दों के कारण मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया. असम में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं.
‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में गोगोई ने कहा कि शर्मा की हालिया टिप्पणी ”पागलपन और बकवास” है तथा वह तथ्य प्रस्तुत किए बिना ”आईटी सेल ट्रोल” की तरह व्यवहार कर रहे हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शर्मा के आरोपों की कड़ी आलोचना की.
उन्होंने कहा, ”असम के मुख्यमंत्री द्वारा मेरे सहयोगी गौरव गोगोई पर जारी व्यक्तिगत हमले नृशंस से भी बदतर हैं. श्रीमान एचबीएस (हिमंत विश्व शर्मा) इस तथ्य को समझने में असमर्थ हैं कि एक वर्ष पहले जोरहाट के लोगों ने गौरव गोगोई के पक्ष में भारी मतदान किया था और असम के मुख्यमंत्री तथा उनके सहयोगियों द्वारा संचालित अभियान को पूरी तरह से नकार दिया था.”
रमेश ने कहा, ”ये हमले असम के मुख्यमंत्री के खुद के भ्रष्टाचार और कुकृत्यों से ध्यान हटाने के लिए भी किये गए. उन्हें अच्छी तरह पता है कि वह असम के निवर्तमान मुख्यमंत्री हैं और इसलिए उनकी हताशा बढ़ती जा रही है.” इससे पहले दिन में गोगोई ने शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा था, ”किसी कारण से जो उन्हें ही पता है, मैं असम में प्रवेश के बाद से ही उनके निशाने पर हूं. उन्होंने पिछले 13 वर्षों में मेरे बारे में कई निराधार टिप्पणियां की हैं. सबसे हालिया टिप्पणी पागलपन और बेतुकी है.” उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई. गोगोई ने कहा, ”अक्सर कहा जाता है कि जब घर में कोई परेशानी होती है, तो उसका असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ता है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि 2026 के बाद उन्हें कुछ आराम मिले.”