वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति जो. बाइडन ने कहा है कि देश में आर्थिक निराशावाद के लिए गैस की कीमतें जिम्मेदार हैं और महंगाई के चलते देश में उनकी अनुमोदन रेटिंग गिर रही है. फरवरी के बाद मीडिया को दिए गए अपने पहले साक्षात्कार में बाइडन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कीमतों में वृद्धि की शुरुआत से पहले ‘‘चीजें काफी अधिक थीं, वे अधिक आशावादी थीं.’’ राष्ट्रपति ने अर्थव्यवस्था की स्थिति, राष्ट्रीय मनोदशा के बारे में अपनी चिंताओं और यूक्रेन में रूस की आक्रामकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लेकर एसोसिएटेड प्रेस से बात की.
डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि उनकी अनुमोदन रेटिंग गिर रही है क्योंकि अमेरिकी अपनी मेज पर खाना और अपने वाहनों में ईंधन डालने के लिए बहुत अधिक भुगतान कर रहे हैं. बाइडन ने कहा कि उन्होंने यूक्रेन पर आक्रमण के चलते रूस पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी प्रयासों के घरेलू राजनीतिक प्रभाव पर विचार नहीं किया, विशेष रूप से इस बारे में कि यह अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करेगा.
उन्होंने कहा, “मुझे डर है कि आगे क्या होगा कि आप यूरोप में अराजकता देखेंगे.” उन्होंने कहा, “यह मेरे राजनीतिक अस्तित्व के बारे में नहीं है. यह इस बारे में है कि देश के लिए सबसे अच्छा क्या है.” बाइडन ने कहा कि वह परिणाम के रूप में राजनीतिक कीमत चुकाने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि वह देश के भविष्य के बारे में आशावादी हैं, और अमेरिकियों को भी इसे महसूस करना चाहिए – जबकि अधिकतर मतदाताओं का कहना है कि देश गलत रास्ते पर है.
बाइडन ने कहा : मंदी ‘अपरिहार्य नहीं’
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि देश के लोग कोरोना वायरस संक्रमण, अर्थव्यवस्था में अस्थिरता और गैस की बढ़ती कीमतों के कारण दो साल से ‘‘वास्तव में काफी परेशान’’ हैं और इन वजहों से घरों का बजट प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि मंदी ‘‘अपरिहार्य नहीं’’ है और उम्मीद जतायी कि वे लोगों में विश्वास पैदा करेंगे.
राष्ट्रपति ने एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के साथ एक साक्षात्कार में पस्त अर्थव्यवस्था का जिक्र किया जो उन्हें विरासत में मिली थी.
उन्होंने रिपब्लिकन सांसदों के दावों को खारिज करते हुए उन्हें ‘‘विचित्र’’ करार दिया, जिनके मुताबिक पिछले साल की कोविड-19 सहायता योजना मुद्रास्फीति के 40 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार थी.
बाइडन ने कहा, ‘‘अमेरिका के लोगों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ंिचता बढ़ी है, क्योंकि लोगों ने जो सब देखा, वह बहुत निराशाजनक था.’’ मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए उठाए जाने वालों कदमों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी आने की आशंका जताए जाने के बीच उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले, यह अपरिहार्य नहीं है. दूसरा, हम इस मुद्रास्फीति से लड़ने के लिए दुनिया के किसी भी देश की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में हैं.’’
मुद्रास्फीति के कारण को लेकर बाइडन ने कहा, ‘‘अगर यह मेरी गलती है, तो दुनिया के हर बड़े औद्योगिक देश में मुद्रास्फीति इतनी अधिक क्यों है? आप खुद से यह पूछें… ’’ राष्ट्रपति का बयान दुनिया भर में बढ़ती मुद्रास्फीति के बारे में प्रतीत होता है. आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के अनुसार, हाल के महीनों में जापान में मुद्रास्फीति की दर बढ़ी है,लेकिन अब भी यह वार्षिक 2.4 प्रतिशत है.
ऐसा प्रतीत होता है कि बाइडन विश्वास पैदा करने में पूरी तरह से सफल नहीं हो सके हैं और जिनकी ‘अनुमोदन रेंिटग’ में लगातार गिरावट आई है. डेमोक्रेट सदस्यों के बीच भी उनके समर्थन में कमी आई है और यह जताने के लिए बहुत कम साक्ष्य हैं कि वह वांिशगटन में द्विदलीय सामान्य स्थिति की भावना को बहाल कर सकते हैं.
राष्ट्रपति ने कहा कि वह अमेरिका को और अधिक दृढ़ता, धैर्य और साहस प्रदान करना चाहते हैं. बाइडन ने कहा, ‘‘आश्वस्त रहें, क्योंकि मैं आश्वस्त हूं.’’ उन्होंने कहा कि चुनौतियों का सामना करने के लिहाज से अमेरिका मौजूदा समय में दुनिया के किसी भी देश से बेहतर स्थिति में है.