जब भी मुख्यमंत्री भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं तो भारी बारिश होती है : मंत्री विश्नोई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 03 Aug 2025 08:13 PM
जब भी मुख्यमंत्री भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं तो भारी बारिश होती है : मंत्री विश्नोई
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जयपुर. राजस्थान के उद्योग और वाणिज्य राज्य मंत्री के के विश्नोई ने शनिवार को कहा कि जब भी मुख्यमंत्री, भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं तो इतनी भारी बारिश होती है कि उन्हें भगवान इंद्र से थोड़ा धीमा रुख करने की प्रार्थना करनी पड़ती है. विश्नोई ने बाड़मेर जिले के बालोतरा इलाके में घरों और खेतों में जलभराव और प्रदूषित पानी के घुसने से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही. वहीं, कांग्रेस ने मंत्री की इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा है कि मानव निर्मित संकट की जिम्मेदारी देवताओं पर डालना हास्यास्पद है.

बाड़मेर दौरे के दौरान विश्नोई ने कहा, “जिस जिले बाड़मेर-बालोतरा की हम चर्चा कर रहे हैं, इंद्र भगवान मेहरबान हैं. जब-जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार आती है और जब-जब हमारे मुख्यमंत्री भरतपुर में कृष्ण भगवान की पूजा करके आते हैं तब-तब यहां पर बारिश इतनी होती है कि फिर से मुख्यमंत्री जी को पलटकर के इंद्र भगवान से प्रार्थना करनी पड़ती है कि आप भगवान थोड़ा सा धीमा रुख करें.’ बालोतरा जोजरी नदी से बहने वाले प्रदूषित पानी की समस्या से लगातार जूझ रहा है. जोधपुर और पाली के कारखानों से निकलने वाला औद्योगिक कचरा ले जाने वाली यह नदी मानसून के दौरान उफान पर आ जाती है, जिससे बालोतरा के गांवों में काला और बदबूदार पानी भर जाता है.

बाड़मेर के बायतू विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने विश्नोई की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि मानव निर्मित संकट की जिम्मेदारी देवताओं पर डालना हास्यास्पद है. चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मंत्री ने न केवल असली मुद्दे से ध्यान भटकाया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि सरकार इसका समाधान करने में असमर्थ है और केवल भगवान से प्रार्थना ही मदद कर सकती है. यह हास्यास्पद है.” चौधरी ने दावा किया कि जोजरी नदी के आस-पास के इलाके जलमग्न हैं और दूषित पानी घरों, खेतों और अन्य इमारतों में घुस जाता है. बारिश के दौरान नदी के उफान पर आने से समस्या और भी बढ़ जाती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं और जोधपुर तथा पाली के कारखानों से निकलने वाले प्रदूषणकारी कचरे को नदी में छोड़ने से रोकने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. एक स्थानीय निवासी ने कहा, “इस स्थिति के कारण प्रभावित गांवों में कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं. बाढ़ और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के कारण कई परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.” उन्होंने बताया कि जोधपुर से बाड़मेर तक का 100 किलोमीटर का इलाका इससे प्रभावित है. कांग्रेस के प्रवक्ता ्स्विवणम चतुर्वेदी ने कहा कि जनता ने चुनावों में भाजपा को सत्ता में बिठाया है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों को भगवान भरोसे छोड़ने के बजाय कार्रवाई करे.

उन्होंने कहा, ”बालोतरा के लोग जलभराव से परेशान हैं. जब मंत्री से इस बारे में पूछा जाता है तो वह अपना कर्तव्य निभाने या समस्या का समाधान करने के बजाय नागरिकों को भगवान भरोसे छोड़ देते हैं. यह विडंबना ही है कि राजस्थान सरकार लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने की बजाय उन्हें भगवान भरोसे छोड़ने में ज्यादा विश्वास करती है.” उन्होंने कहा, ”विधानसभा चुनाव भाजपा ने लड़ा और जीता, न कि भगवान कृष्ण या भगवान इंद्र ने. इसलिए, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जवाबदेही के साथ काम करे, न कि अपने कर्तव्यों से भागे.”

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