झारखंड भाजपा के जांच दल ने सूर्या हंसदा की मौत के पीछे साजिश का संदेह जताया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 18 Aug 2025 11:11 PM
झारखंड भाजपा के जांच दल ने सूर्या हंसदा की मौत के पीछे साजिश का संदेह जताया
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गोड्डा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के सात सदस्यीय ‘जांच दल’ ने रविवार को कहा कि उसे सूर्य नारायण हंसदा उर्फ सूर्या हंसदा की ”मुठभेड़” में हुई मौत के पीछे ”बड़ी साजिश” का संदेह है. हंसदा कई आपराधिक मामलों में वांछित था और उसने विभिन्न राजनीतिक दलों के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था.

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में भाजपा के जांच दल ने अपनी जांच के तहत रविवार को गोड्डा जिले के लालमटिया के डकैता गांव में हंसदा के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. मुंडा ने मांग की कि राज्य सरकार झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक समिति गठित कर मामले की पारदर्शी जांच का आदेश दे.

मुंडा ने संवाददाताओं से कहा, ”हमें पुलिस मुठभेड़ में हंसदा की मौत के पीछे एक बड़ी साजिश का संदेह है. जांच के दौरान, हमने पाया कि हंसदा के खिलाफ कई फर्जी मामले दर्ज किए गए थे. कई मामलों में से अदालत ने उसे 14 मामलों में बरी कर दिया था. उसके खिलाफ 27 मई को एक फर्जी मामला दर्ज किया गया था, जब वह अपने घर पर बेटे का जन्मदिन मना रहा था.” हंसदा को 10 अगस्त को देवघर के नवाडीह गांव से गिरफ्तार किया गया था. उसे छिपे हुए हथियार बरामद करने के लिए राहदबदिया पहाड़ियों पर ले जाया जा रहा था.

अभियान के दौरान, हंसदा ने पुलिस से कथित तौर पर एक हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश करते हुए गोलीबारी शुरू कर दी. गोड्डा पुलिस के अनुसार, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई. मुंडा ने आरोप लगाया, ”पुलिस ने अदालत को भी गुमराह करने की कोशिश की. पुलिस के पास उनके (हंसदा) खिलाफ कोई गिरफ्तारी वारंट नहीं था. गिरफ्तारी वारंट के बिना ही हंसदा को 10 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया और 11 अगस्त को घोषित कर दिया गया कि वह मुठभेड़ में मारा गया. यह एक गहरी साजिश का हिस्सा था.” हंसदा का परिवार पारंपरिक रूप से ग्राम प्रधान रहा है और हंसदा 350 विद्यार्थियों के वास्ते मुफ्त शिक्षा, भोजन और आवास की व्यवस्था करता रहा था. हंसदा ने कई बार विधानसभा चुनाव लड़ा और दो बार उसे मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा.

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा, ” पुलिस की थ्योरी हंसदा के मूल चरित्र से भिन्न जान पड़ती है.” एक विशेषज्ञ टीम द्वारा नए सिरे से पोस्टमार्टम की मांग करते हुए, मुंडा ने आरोप लगाया कि न तो जनता और न ही हंसदा के परिवार को राज्य सरकार की जांच पर भरोसा है.

उन्होंने कहा, ”अगर राज्य सरकार इस मांग पर पुर्निवचार नहीं करती है, तो भाजपा न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी.” अधिकारियों ने बताया कि सूर्या हंसदा की कथित मुठभेड़ में मौत को लेकर बढ.ते हंगामे के बीच झारखंड आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को इसकी जांच का प्रभार सौंपा गया है. हंसदा ने 2019 का विधानसभा चुनाव बोरियो से भाजपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन 2024 में टिकट न मिलने पर वह फिर से चुनाव लड़ने के लिए जेकेएलएम पार्टी में शामिल हो गया था.

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