
सोनिया गांधी मतदाता सूची मामले में विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए मामले) ने उस पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया है, जो भारतीय नागरिक बनने से पहले कांग्रेस नेता सोनीया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने से जुड़ी शिकायत में मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी।
मजिस्ट्रेट अदालत की टिप्पणी को बताया गलत
सत्र अदालत ने कहा कि शिकायत को एक अप्रमाणित रिकॉर्ड की फोटोकॉपी के आधार पर महज एक तथ्यात्मक दावा मानकर खारिज किया गया था। अदालत ने कहा कि यह आदेश रद्द किए जाने योग्य है। सत्र अदालत ने नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर क्षेत्राधिकार के संबंध में मजिस्ट्रेट अदालत की टिप्पणी को गलत पाया।
सत्र अदालत ने कहा कि शिकायत को एक अप्रमाणित रिकॉर्ड की फोटोकॉपी के आधार पर महज एक तथ्यात्मक दावा मानकर खारिज किया गया था। अदालत ने कहा कि यह आदेश रद्द किए जाने योग्य है। सत्र अदालत ने नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर क्षेत्राधिकार के संबंध में मजिस्ट्रेट अदालत की टिप्पणी को गलत पाया।
29 सितंबर को अगली सुनवाई
सत्र अदालत ने कहा कि चुनौती दिए गए आदेश में इस बात पर कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है कि क्या संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है या नहीं। सत्र अदालत ने कहा कि नागरिकता के संबंध में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को लेकर की गई टिप्पणियां उचित नहीं थीं। मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस भेज दिया गया है और इसे 29 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है।
सत्र अदालत ने कहा कि चुनौती दिए गए आदेश में इस बात पर कोई स्पष्ट कारण नहीं दिया गया है कि क्या संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है या नहीं। सत्र अदालत ने कहा कि नागरिकता के संबंध में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को लेकर की गई टिप्पणियां उचित नहीं थीं। मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए वापस भेज दिया गया है और इसे 29 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है।



