मौखिक स्वास्थ्य यानी ओरल हेल्थ को अक्सर लोग सिर्फ दांतों की साफ-सफाई समझते हैं, जबकि इसका मतलब पूरे मुंह यानी दांतों, मसूड़ों और जीभ को साफ-सफाई से है। खान-पान में गड़बड़ी, मीठी चीजों का ज्यादा सेवन और मुंह की ठीक से सफाई न करना धीरे-धीरे कई समस्याओं की वजह बन सकता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी भी उम्र में दांतों और मसूड़ों से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
दांतों में सड़न, मसूड़ों में सूजन, मुंह से दुर्गंध और गर्म-ठंडा लगना ऐसी समस्याएं हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआत में छोटी लगने वाली परेशानी समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों के जरिए ओरल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है।
दुनिया की बड़ी आबादी ओरल हेल्थ की समस्या से प्रभावित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मौखिक रोग दुनियाभर में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुके हैं। अनुमान है कि करीब 350-370 करोड़ लोग किसी न किसी तरह की ओरल हेल्थ समस्या से प्रभावित हैं। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2019 के आंकड़ों के अनुसार, दांतों में होने वाली सड़न दुनिया की सबसे आम स्वास्थ्य स्थितियों में से एक है।
- मीठे और कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन और दांतों की पर्याप्त सफाई न करना दांतों में सड़न का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए समस्या होने का इंतजार करने के बजाय रोज से ही दांतों की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है।
दिन में दो बार ब्रश सबसे जरूरी आदत
दांतों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना जरूरी है। ब्रश करते समय दांतों के साथ मसूड़ों और दांतों के बीच की जगह की सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट दांतों में सड़न से बचाव में मदद कर सकता है।
- सिर्फ दांत चमकदार दिखना ही अच्छी ओरल हेल्थ की पहचान नहीं है। अगर मसूड़ों से खून आता है, उनमें सूजन रहती है, मुंह से लगातार बदबू आती है या गर्म-ठंडा खाने पर दांतों में तेज संवेदनशीलता होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच जरूर करा लें।
खाने के बाद कुल्ला करें
- ओरल हेल्थ को बेहतर रखने के लिए खाना खाने के बाद साफ पानी से कुल्ला करने की आदत उपयोगी हो सकती है। इससे मुंह में बचे खाद्य कणों को हटाने में मदद मिलती है। खासकर मीठा या चिपचिपा भोजन खाने के बाद मुंह की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।
- दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी मुंह की सेहत के लिए फायदेमंद है। पानी मुंह को नम रखने और भोजन के कुछ अवशेषों को साफ करने में मदद करता है। पर्याप्त लार बनना भी जरूरी है, क्योंकि लार मुंह में बनने वाले एसिड को बेअसर करने और दांतों की सुरक्षा में भूमिका निभाती है।
साल में एक बार चेकअप जरूरी
ओरल हेल्थ के लिए नियमित रूप से दांतों की जांच भी महत्वपूर्ण है। कई बार दांतों में सड़न या मसूड़ों की समस्या शुरुआती चरण में दर्द नहीं देती। ऐसे में लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं और समस्या बढ़ सकती है।
- दांतों की नियमित सफाई, दिन में दो बार ब्रश, खाने के बाद कुल्ला, मीठे खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन और पर्याप्त पानी पीने जैसी आदतें मुंह की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। अगर लगातार दर्द, सूजन, खून आना, बदबू या संवेदनशीलता बनी हुई है तो डॉक्टर से मिलकर जांच और इलाज जरूर करा लें।