बुखारेस्ट: रोमानिया के अधिकारियों ने काला सागर के तट के पास एक जहाज में आग लगने के बाद बृहस्पतिवार को तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया। इस दुर्घटना में आठ लोग लापता हो गए जबकि चार लोगों को बचा लिया गया।
ट्यूनीशिया से रोमानिया जा रहे रासायनिक टैंकर ‘वाइन ट्रेडर’ में आग लगने का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। इस जहाज पर सैन मरीनो का ध्वज लगा था। काला सागर में हाल के दिनों में जहाजों पर ड्रोन हमलों की कई घटनाओं के कारण रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रात के दौरान यूक्रेन के स्रेक द्वीप के पास ‘हवाई लक्ष्यों’ पर नजर रखी गई। रात एक बजकर 34 मिनट पर एक ड्रोन सुलिना के दक्षिण-पूर्व में रोमानिया के हवाई क्षेत्र में थोड़ी देर के लिए दाखिल हुआ, लेकिन बाद में रडार से गायब हो गया। रोमानियाई नौसेना प्राधिकरण के अनुसार, जहाज में आग लगने के समय उस पर 12 लोग सवार थे। यह घटना बंदरगाह शहर सुलिना से 13 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में हुई। इस महीने रोमानिया और बुल्गारिया के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में भी इसी तरह ड्रोन के घुसने की घटनाएं हुई हैं। दोनों देश उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और यूरोपीय संघ के सदस्य हैं।
बुधवार शाम तुर्किए से सुलिना जा रहे रासायनिक एवं तेल टैंकर ‘यारा जे’ में रोमानिया के जलक्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। इस जहाज पर कोमोरोस का ध्वज लगा था। उसके चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित थे। रोमानिया के कार्यवाहक रक्षा मंत्री रादु मिरुता ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है, लेकिन सैन्य रडार पर इस टैंकर की ओर बढ़ता कोई ड्रोन नहीं देखा गया।
इससे पहले, मंगलवार को बुल्गारिया के तट के पास दो जहाजों पर ड्रोन हमले हुए थे। इसके बाद गिनी-बिसाउ के ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘एचएस डिग्निटी’ के चालक दल के 11 सदस्यों को बचाने के लिए आपात अभियान शुरू किया गया था। ये सभी अब भी लापता हैं।