भुवनेश्वर. चक्रवात अर्णव के प्रभाव से हुई लगातार भारी बारिश ने दक्षिणी ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। गंजाम और गजपति जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। रुषिकुल्या और वंशधारा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांवों, कृषि भूमि, सड़कों और पुलों पर पानी भर गया है। कई स्थानों पर आवागमन बाधित होने के कारण लोग फंस गए हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। ओड्राफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं।
गंजाम जिले में चक्रवात अर्णव के प्रभाव से हुई भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। भारतीय तटरक्षक बल ने गुरुवार को जिले में बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किया। बाढ़ के कारण जिले के करीब 300 गांव प्रभावित हुए हैं। राज्य के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। कार्यालय ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल का हेलीकॉप्टर गंजाम जिले में बचाव अभियान शुरू कर चुका है। इनमें सिंदूरापल्ली और मुंडमराई गांवों के लोग भी शामिल हैं। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया था कि राज्य सरकार ने पहले चरण में गंजाम जिले के 120 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकालने की योजना बनाई है। इसके लिए भारतीय तटरक्षक बल हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने और आवश्यक व्यवस्थाएं करने में सहयोग करेगा।
मुख्य सचिव के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क कर गंजाम जिले में बाढ़ के कारण फंसे लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था। अब तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर के जरिए बचाव अभियान शुरू होने से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की उम्मीद बढ़ी है।
गंजाम में 24 घंटे में 546 मिलीमीटर बारिश
जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने विशेष संवाददाता सम्मेलन में स्वीकार किया कि इतनी अधिक बारिश का अनुमान नहीं था। उनके अनुसार, गंजाम जिले के पात्रपुर प्रखंड में 24 घंटे के दौरान 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिछले 35 वर्षों में ओडिशा में एक दिन में हुई यह सर्वाधिक बारिश बताई गई है। सानखेमुंडी में 388 मिलीमीटर, सोरड़ा में 375 मिलीमीटर और चिकिटी में 309 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश से रुषिकुल्या और घोड़ाहाड़ नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई स्थानों पर नदी का पानी खेतों, सड़कों और रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर गया है। करीब 300 गांव बाढ़ के पानी से घिरे होने और लगभग 2,000 लोगों के विभिन्न स्थानों पर फंसे होने की सूचना है।
रुषिकुल्या और वंशधारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर
जल संसाधन विभाग के विशेष बुलेटिन के अनुसार, पुरुषोत्तमपुर में रुषिकुल्या नदी का जलस्तर 19.2 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 16.84 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 2.36 मीटर ऊपर पहुंच गया है। मदनबरिडा में भी नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
गजपति जिले के काशीनगर में वंशधारा नदी 55.3 मीटर पर बह रही है, जबकि यहां खतरे का निशान 54.60 मीटर है। गुनुपुर में नदी का जलस्तर 13.4 मीटर दर्ज किया गया है। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।
घोड़ाहाड़ नदी में उफान के कारण सनाखेमुंडी, असिका, सोरड़ा और दिगपहांडी क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कई पुलों पर पानी चढ़ने से वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी है।
42,500 से अधिक लोग प्रभावित, राहत अभियान तेज
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि गंजाम जिले में 22 प्रखंडों के बजाय 22 प्रखंडों की संख्या नहीं, बल्कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 22 ब्लॉकों में से प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट के मुताबिक 22 प्रखंडों का उल्लेख नहीं किया गया है; 22 प्रखंडों के स्थान पर 22 ब्लॉकों का आंकड़ा स्रोत में अस्पष्ट है। मंत्री के बयान के अनुसार, 22 प्रखंडों की जगह 22 ब्लॉकों में नहीं, बल्कि 22 ब्लॉकों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, उन्होंने 22 ब्लॉकों और 208 पंचायतों तथा 56 शहरी वार्डों में 42,500 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी। 22 गांव पूरी तरह जलमग्न बताए गए हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 52 ओडीआरएएफ, पांच एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा की 45 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 16 सरकारी और 25 निजी नावों की मदद ली जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
गंजाम जिला प्रशासन के अनुसार, 6,170 लोगों को 177 सुरक्षित चक्रवात आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है। वहां प्रभावित लोगों के लिए पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
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25वीं अखिल भारतीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का महाकुंभ होगा भुवनेश्वर में
भुवनेश्वर। जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से 25वीं अखिल भारतीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का आयोजन भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में 31 दिसंबर 2026 से 3 जनवरी 2027 तक किया जाएगा। चार दिवसीय इस प्रतियोगिता में भारत के सांगठनिक 39 राज्यों और नेपाल से लगभग 800 जनजातीय बालक-बालिकाओं के भाग लेने की संभावना है। आयोजन के संचालन में करीब 200 प्रशिक्षक एवं आयोजक सहयोग करेंगे।
वनवासी कल्याण आश्रम के उपाध्यक्ष और अखिल भारतीय खेल प्रतियोगिता की स्वागत समिति के अध्यक्ष संजय लाठ व अन्य पदाधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से जनजातीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों और नेपाल से आने वाले खिलाड़ी एक मंच पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ओडिशा में पहली बार इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन होना गौरव का विषय है।
खिलाड़ियों का आगमन 29 दिसंबर को
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, खिलाड़ियों का आगमन 29 दिसंबर को होगा। 30 दिसंबर को पंजीकरण और शोभायात्रा का अभ्यास किया जाएगा। 31 दिसंबर को उद्घाटन समारोह के साथ प्रतियोगिताएं प्रारंभ होंगी, जबकि 3 जनवरी 2027 को समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उद्घाटन अथवा समापन समारोह में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उनकी उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस अवसर पर ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 जनजातीय लोगों के भी शामिल होने की उम्मीद है।
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पीएम-किसान उत्सव दिवस पर जारी होगी पीएम-किसान की 24वीं किस्त
भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त कल, 30 अक्टूबर को पीएम-किसान उत्सव दिवस के अवसर पर जारी की जाएगी। गुजरात के बनासकांठा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के किसानों के खातों में किस्त की राशि हस्तांतरित करेंगे।
ओडिशा में इस अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन सुबह 9 बजे भुवनेश्वर स्थित ओयूएटी कृषि शिक्षा सदन में किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के 35,39,297 किसानों के खातों में कुल 707 करोड़ 85 लाख 94 हजार रुपये हस्तांतरित किए जाएंगे।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंहदेव उपस्थित रहेंगे।
पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 24वीं किस्त जारी होने से ओडिशा के 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।
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