दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2014 से सत्ता हासिल करने और बनाए रखने के लिए हर संभव साजिश की गई। सांसदों की खरीद-फरोख्त, राजनीतिक दलों को तोड़ने और सरकारें गिराने के बाद अब वोटों की चोरी की जा रही है। खरगे ने आरोप लगाया कि 2023 का मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) कानून चुनाव आयुक्तों को आजीवन सुरक्षा कवच देता है। उन्होंने कहा कि यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित किए जाने के बाद पारित किया गया था। खरगे ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देश पर चुनाव आयोग चला रहे हैं।
खरगे ने कहा कि सात महीने पहले संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के 193 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन उनके नोटिस खारिज कर दिए गए और उन पर कोई विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रतीकात्मक कार्यक्रम किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था की गरिमा और निष्पक्षता बचाने के लिए आयोजित किया गया है। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान की भावना के अनुसार निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे लोग कंप्यूटर के जरिए कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग अधिकार चुपचाप खत्म न कर सकें, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।
खरगे के आवास पर जुटा इंडिया ब्लॉक
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम शुरू हो गया। इसमें विपक्षी गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी कार्रवाई और आरोपों को लेकर एकजुट नजर आए। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार कर रही हैं।