छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के दिन भारतीय वायु सेना की मशहूर ‘टीम सारंग’ ने नवा रायपुर की सेंदह झील में अपने शानदार हेलीकॉप्टर एयर शो प्रदर्शित किया। इसमें सेना की स्काईडाइविंग टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों लोग जुटे, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए.
इसके जरिए आम जनता को वायु सेना के साहस और पराक्रम को करीब से देखने का मौका मिला. आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम के सदस्यों ने पैराशूट की मदद से लगभग 8,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई. वहीं, स्वदेशी ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टरों से लैस सारंग टीम ने हवा में अपने बेहतरीन करतबों से दर्शकों का मन मोह लिया.
भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो का करतब
एयर शो के दौरान, भारतीय वायु सेना के ‘गरुड़’ कमांडो Mi-17 हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरे. इस तकनीक का इस्तेमाल बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में फंसे लोगों को बचाने के लिए किया जाता है. इसके साथ ही, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भी इसी तरीके का उपयोग होता है. सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में कई जटिल आकृतियां बनाईं, जिनमें ‘डायमंड हार्ट’, ‘डॉल्फिन’ और भारतीय तिरंगे का आकार शामिल था. इस अद्भुत नज़ारे को देखने के लिए हजारों दर्शक पहुंचे थे. छत्तीसगढ़ में सारंग टीम का स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ यह पहला प्रदर्शन था. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर लगभग 800 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे.
आकाश गंगा की स्काई डाइविंग टीम ने जीता दिल
नवा रायपुर अटल नगर स्थित सेंध झील के ऊपर शानदार हवाई प्रदर्शन किया. आकाश गंगा स्काई डाइविंग टीम, एमआई-17 हेलीकॉप्टर और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की प्रस्तुतियों ने वायु योद्धाओं के साहस, सटीकता और उत्कृष्ट व्यावसायिक दक्षता का परिचय दिया. आकाश गंगा टीम ने अपने रोमांचक स्काई डाइविंग प्रदर्शन में असाधारण कौशल का परिचय दिया. इस प्रस्तुति ने सटीक पैराशूटिंग के लिए आवश्यक साहस, आपसी समन्वय और अनुशासन को दर्शाया.
एमआई 17 हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन
एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने सैनिकों की त्वरित तैनाती और सटीक उड़ान संचालन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. तेज गति से प्रदर्शन क्षेत्र में प्रवेश और लैंडिंग क्षेत्र का आकलन करने के बाद हेलीकॉप्टर ने उतरकर गरुड़ कमांडो को तैनात किया. एक काल्पनिक परिचालन परिस्थिति में इन कमांडो ने जमीन पर पहले से मौजूद दल को सुदृढ़ किया. इसके बाद हेलीकॉप्टर ने दोबारा उड़ान भरकर नियंत्रित पार्श्व गति, एक ही स्थान पर घूमकर दिशा परिवर्तन और अन्य गतिशील हवाई युद्धाभ्यास प्रदर्शित किए. इस क्रम ने हेलीकॉप्टर की चपलता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और चालक दल के उत्कृष्ट समन्वय को दर्शाया. प्रदर्शन ने वायु एवं जमीनी दलों के तालमेल के साथ सैनिक परिवहन, परिचालन सहायता, घायलों की निकासी, खोज और बचाव के साथ ही मानवीय सहायता में एमआई-17 की बहुमुखी भूमिका को भी रेखांकित किया.