मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कल पत्रकार निधि राजदान से निकाह कर लिया जिसका ऐलान उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर किया था। समारोह शुक्रवार (30 अक्टूबर) को दोनों परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में आयोजित हुआ।
इसकी जानकारी देते हुए उमर अब्दुल्ला ने अपनी पोस्ट में लिखा था, ‘कल एक नए सफर की शुरुआत हुई।’
निकाल का रिसेप्शन कल रात को नई दिल्ली के जम्मू कश्मीर हाउस में दिया गया। इसमें उमर के पिता फारूक अब्दुल्ला और माता मौली, उनकी तीन बहनें तथा अन्य करीबी रिश्तेदार शामिल हुए। जबकि निधि के पिता और वरिष्ठ पत्रकार एमके राजदान और उनकी मां सरला राजदान भी समारोह में मौजूद थीं। सूत्रों ने बताया कि दोनों की शादी विशेष विवाह अधिनियम के तहत हुई।
कल रात को आयोजित रिसेप्शन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, सांसए सुप्रिया पवार सहित अनेक राजनीतिक दलों की हस्तियों ने हिस्सा लिया।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि CM उमर अब्दुल्ला और निधी राजदान की शादी नाजायज है। निधि राजदान को इस्लाम कबूल करवाएं, कलमा पढ़वाएं तब ये शादी वैध मानी जाएगी। उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान दोनों की ही यह दूसरी शादी है। उमर अब्दुल्ला की पहली शादी पायल नाथ के साथ 1994 में हुई थी और उनके दो बेटे जाहिर और जमीर हैं।
भड़क उठे आप सांसद
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में एक निजी समारोह में वरिष्ठ टीवी पत्रकार निधि राजदान के साथ शादी रचा ली। दोनों ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी दुनिया को दी। सीएम के इस तरह हिंदू महिला से शादी करने के बाद जम्मू-कश्मीर की डोडा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मेहराज मलिक ने राज्य के मुख्यमंत्री को बधाई दी, साथ ही ऐसा करते हुए उन्होंने धर्म के तथाकथित ठेकेदारों और दिन-रात हिंदू-मुस्लिम करने वाले न्यूज चैनलों को लेकर अपना गुस्सा भी जाहिर किया।
AAP विधायक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी और इस दौरान ‘लव जिहाद’ को लेकर अपने-अपने चैनलों पर शो करने वाले न्यूज चैनलों को ‘गोदी मीडिया’ (सरकार के चहेते) बताते हुए, उन पर जानबूझकर ऐसे मुद्दों को को उठाते हुए भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘शादी के लिए उमर अब्दुल्ला साहब को बधाई। लेकिन अब ‘गोदी मीडिया’ कहां है? जो ‘लव जिहाद’ पर प्राइम-टाइम डिबेट चलाता है? क्या वे इसका इस्तेमाल सिर्फ BJP को फायदा पहुंचाने और गरीब लोगों को निशाना बनाने के लिए करते हैं? क्या अब हिंदू धर्म खतरे में नहीं है?’
मुस्लिम विद्वानों के रवैये पर भी जताई नाराजगी
इसके बाद अपनी पोस्ट में उन्होंने मुस्लिम धर्म के विद्वानों के रवैये को लेकर भी सवाल उठाए और उन पर अमीर-गरीब लोगों के लिए अलग-अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया। अपनी पोस्ट में आगे उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा कि ‘क्या मुस्लिम विद्वान बता सकते हैं कि मुसलमानों के लिए ऐसी शादी जायज है? यानी किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी करना, वह भी इस्लाम कबूल किए बिना? अमीरों और गरीबों के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं? इसी शादी को लेकर शेयर की अपनी पोस्ट में मलिक ने लिखा था कि ‘धर्म के ठेकेदार अब चुप क्यों, सब फतवे और धर्म के रक्षक बस गरीब लोगों के लिए होते हैं।’