महादेव बेटिंग ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण के कुछ दिन बाद हुई इस कार्रवाई की जानकारी भारतीय एजेंसियों को अनौपचारिक सूत्रों से मिली है।
सीबीआई ने 18 दिसंबर 2024 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं के बाद, सीबीआई ने छत्तीसगढ़ की EOW से मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी. आरोप है कि चंद्राकर और सह-आरोपी रवि उप्पल ने अपने साथियों के साथ मिलकर महादेव बुक ऐप का प्रचार किया और पैनल तथा ब्रांच ऑपरेटर के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार चलाया. आरोपों के अनुसार कमीशन के लालच में सैकड़ों बैंक खाते खोले गए और सट्टेबाजी से हुई अवैध कमाई को अलग-अलग खातों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया.
महादेव सट्टा एप की शुरुआत 2018 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल द्वारा बनाया गया था. शुरुआत में सौरव चंद्राकर भिलाई में जूस की दुकान चलाता था. वह ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म था, जो क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर और कार्ड गेम्स जैसे विभिन्न खेलों पर अवैध जुआ खिलाता था. यह सिंडिकेट 70:30 के प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल पर काम करता था.
इसके पहले कल छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की एक विशेष अदालत ने बुधवार को छह हजार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरव चंद्राकर को आठ दिन के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया. अधिकारियों ने खुद इसकी पुष्टि की है.
अधिकारियों ने बताया कि चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत लाया गया था. सोमवार को उसे दो दिन के लिए सीबीआई की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया था, क्योंकि जांच एजेंसी उसे छत्तीसगढ़ लाकर इस मामले की सुनवाई कर रही अदालत के सामने पेश करना चाहती थी. उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम को उसे विमान से रायपुर लाया गया.
बचाव पक्ष के वकील तुषार गिरी ने बताया कि बुधवार को चंद्राकर को रायपुर में विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की अदालत में पेश किया गया, जहां सीबीआई ने उसकी 10 दिन की हिरासत की मांग की थी. उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपी को आठ दिन के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में सौंप दिया है. अदालत ने सीबीआई को पूछताछ के लिए चंद्राकर को दिल्ली ले जाने की भी अनुमति दे दी है.