पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जेसुस के साथ हुए विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो 146 गोल के साथ पुर्तगाल के सर्वकालिक शीर्ष गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 232 मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया और 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब भी जिताया था।
कोच के साथ क्यों हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद पिछले अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के दौरान सामने आया, जब ओस्लो में नॉर्वे के खिलाफ नेशंस लीग के मैच में पुर्तगाल ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन रोनाल्डो को इस मुकाबले में खेलने का मौका नहीं मिला। मैच के अंतिम सीटी बजते ही वह सीधे ड्रेसिंग रूम की ओर चले गए और मैच के बाद मैदान पर जाकर सफर करके आए यात्रा करने वाले और उत्साहवर्धन करने वाले प्रशंसकों का अभिवादन करने के लिए अपने साथियों के साथ नहीं जुड़े।
इस घटना के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद एक लंबे बयान में रोनाल्डो ने अपने कैंप छोड़ने के कारणों का खुलासा किया और कोच जॉर्ज जेसुस पर वादे तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया। रोनाल्डो का दावा था कि उन्हें सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान पर उतारने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने वॉर्म-अप भी शुरू कर दिया था, लेकिन कोच ने आखिरी वक्त पर अपना फैसला बदल दिया। इसी तीखे मनमुटाव के चलते उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है।
सोशल मीडिया पर वीडिया साझा कर की पुष्टि
पांच बार के बैलन डी’ऑर विजेता क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने के फैसले की पुष्टि की। रोनाल्डो ने पुर्तगाल को यूरो 2016 में खिताबी जीत दिलाई और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वकालिक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी तथा सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना सफर समाप्त किया, जिसमें उन्होंने 234 मैचों में 146 गोल दागे।
41 वर्षीय रोनाल्डो ने घोषणा की है कि वह नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद नंबर 7 की जर्सी वापस सौंप देंगे। पुर्तगाल के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने वीडियो में कहा, पुर्तगाल के लोगों के लिए। वह दिन आ गया है जब मैं अपनी राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी वापस सौंप रहा हूं। मुझे कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि यह सिर्फ मेरी थी। लेकिन 23 साल तक, इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मेरे पास रही।
कितनी बार विश्व कप में लिया हिस्सा?
रोनाल्डो दो दशकों से अधिक समय तक पुर्तगाल की टीम के मुख्य आधार रहे, जिन्होंने टीम को यूरो 2016 का खिताब और दो यूईएफए नेशंस लीग के ताज जिताए। उन्होंने छह विश्व कप में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया,और उनका आखिरी अभियान इस साल फीफा विश्व कप में स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 में 1-0 की हार के साथ समाप्त हुआ था। रोनाल्डो के नाम टूर्नामेंट के छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी होने का गौरव भी है। हालांकि, उनके शानदार व्यक्तिगत रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी पारी के बावजूद, विश्व कप का वह एक ऐसा खिताब रहा जो हमेशा उनकी पहुंच से दूर ही रहा।
अपने करियर को लेकर रोनाल्डो ने स्वीकार किया कि अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा को समाप्त करने का निर्णय लेना आसान नहीं था। पुर्तगाल के इस दिग्गज खिलाड़ी ने कहा कि अब अगली पीढ़ी को कमान सौंपने का समय आ गया है। उन्होंने आगे कहा, आज इसे भविष्य की पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है। यह निर्णय आसान नहीं था। क्योंकि कुछ फैसले केवल दिमाग से नहीं लिए जाते। वे दिल से भी लिए जाते हैं। अगस्त 2003 में शुरू हुआ और मेरे जीवन को हमेशा के लिए बदल देने वाला यह सफर अब समाप्त हो गया है।