द्वितीयक बाजारों में लेनदेन के लिए ‘एस्बा’ जैसी प्रणाली पर काम कर रहा है सेबी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 21 Sep 2022 06:51 PM
द्वितीयक बाजारों में लेनदेन के लिए ‘एस्बा’ जैसी प्रणाली पर काम कर रहा है सेबी
ऑडियो सुनें

मुंबई/कोलकाता/बेंगलुरु. भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) की चेयरमैन माधवी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि पूंजी बाजार नियामक द्वितीयक बाजारों (शेयर की खरीद-बिक्री) में लेनदेन के लिए भी ‘एप्लिकेशन सपोर्टेड बाई ब्लॉक्ड अमाउंट’ (एस्बा) जैसी व्यवस्था शुरू करने पर काम कर रहा है.

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए बुच ने कहा कि आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में (एस्बा) प्रणाली का इस्तेमाल करने पर निवेशक के पास से पैसा आवंटन होने की स्थिति में ही काटा जाता है. बुच ने कहा, ‘‘द्वितीयक बाजार के लिए एस्बा जैसी प्रणाली शुरू करने के लिए हम सक्रियता से काम कर रहे हैं. प्राथमिक बाजार के लिए ऐसी व्यवस्था हो सकती है, तो द्वितीयक बाजार के लिए क्यों नहीं?’’

सेबी प्रमुख ने कहा कि इस तरह की प्रणाली से तंत्र में ‘ढांचागत खामियां’ कम होंगी. उन्होंने वित्तीय प्रौद्योगिकी इकाइयों से अपने कारोबारी मॉडल में कुछ बातों से दूरी बनाने को कहा. उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपका कारोबार करने का तरीका कुछ इस तरह का है जिससे जोखिम या ढांचागत अस्थिरताएं बढ़ती हैं, तो ऐसी संभावनाएं हैं कि आज नहीं तो कल नियामक इसे खत्म करेगा.’’ उन्होंने कहा कि कारोबार करने का कोई भी ऐसा तरीका जो ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित है और जिसका न तो लेखा परीक्षण किया जा सकता है और न ही सत्यापन किया जा सके, उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी.

बुच ने कहा कि ‘डेटा’ सार्वजनिक अवसंरचना है और इसे अपने अधिकार में लेने का किसी भी निजी इकाई या व्यक्ति का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. स्टार्टअप को सलाह देते हुए बुच ने कहा कि उन्हें ‘आधार’ जैसी सार्वजनिक अवसंरचना को नींव बनाना चाहिए और कारोबारी मॉडल बनाने के लिए इनका श्रेष्ठ उपयोग करना चाहिए. ‘ब्लैक बॉक्स’ एक उपकरण या प्रणाली है, जो अपने आतंरिक कामकाज के बारे में कोई खुलासा किए बिना उपयोगी जानकारी देता है. इसके निष्कर्षों के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं रहता है.

बुच ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम एल्गो (एल्गोरिदम) ट्रेंिडग के समर्थन में या विरोध में नहीं हैं, बशर्ते पर्याप्त पारर्दिशता और खुलासे हों. कारोबारी मॉडल ‘ब्लैक बॉक्स’ पर आधारित नहीं हो सकते हैं…इसलिए ऐसा कोई भी दावा जिसका लेखा परीक्षण या सत्यापन नहीं हो सके उसकी इजाजत नहीं दी जाएगी.’’ ऐसी खबरें आई थीं कि बाजार नियामक एल्गो ट्रेंिडग के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. वहीं, कुछ ब्रोकरों ने एनएसई के शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलीभगत में एल्गो ट्रेंिडग का दुरुपयोग भी किया था.

इस महीने की शुरुआत में पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को एल्गो ट्रेंिडग से संबंधित सेवाएं देने वाले ब्रोकरों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे. दरअसल, सेबी ने पाया था कि कुछ शेयर ब्रोकर नियमन के दायरे से बाहर मंचों के जरिये एल्गोरिदम (एल्गो) आधारित कारोबार की सुविधा निवेशकों को दे रहे हैं.

सेबी ने एक परिपत्र में कहा था कि ये मंच निवेशकों को कारोबार के स्वचालित निष्पादन के लिए एल्गोरिदम ट्रेंिडग सेवाएं या रणनीति उपलब्ध करा रहे हैं. ऐसी सेवाओं और रणनीतियों का निवेश पर उच्च रिटर्न के ‘दावों’ के साथ विपणन किया जा रहा है.
इसको देखते हुए सेबी ने ऐसे शेयर ब्रोकरों के लिए कुछ जिम्मेदारियां तय की हैं.

एल्गोरिदम ट्रेंिडग सेवाएं देने वाले ब्रोकरों को पूर्व के या भविष्य के रिटर्न को लेकर कोई भी संदर्भ देने से मना किया गया है. साथ ही ऐसे किसी भी मंच से संबद्ध होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है जो एल्गोरिदम के पहले के या भविष्य के लाभ के बारे में कोई संदर्भ देता है.

इसमें कहा गया है, ‘‘जो शेयर ब्रोकर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से एल्गोरिदम के पिछले या भविष्य के रिटर्न या प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हैं या इस प्रकार की जानकारी देने वाले मंच से जुड़े हैं, वे सात दिन के भीतर उसे वेबसाइट से हटा देंगे और इस तरह के संदर्भ प्रदान करने वाले मंच से खुद को अलग कर लेंगे.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu