GST कानून को अपराधमुक्त किया जाए, व्यक्तिगत आयकर दरें घटाई जाएं : CII के सुझाव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 20 Nov 2022 08:05 PM
GST कानून को अपराधमुक्त किया जाए, व्यक्तिगत आयकर दरें घटाई जाएं : CII के सुझाव
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नयी दिल्ली. उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सरकार को आगामी बजट के लिए अपना एजेंडा सौंपा है जिसमें व्यक्तिगत आयकर दरें घटाने, जीएसटी कानून के दायरे से अपराध श्रेणी को बाहर करने और पूंजीगत लाभ कर पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया गया है.

सीआईआई ने जीएसटी कानून को अपराध मुक्त रखने का सुझाव देते हुए कहा है कि इसमें कर चोरी रोकने के लिए दंडात्मक प्रावधान पर्याप्त हैं. उद्योग मंडल के अध्यक्ष संजीव बजाज ने कहा, ‘‘पूंजी लाभ कर की दरों और होंिल्डग अवधि पर नए सिरे से विचार करने की जरूरत है ताकि जटिलताओं और विसंगतियों को दूर किया जा सके.’’ बजाज ने कहा कि इसके अलावा सरकार को सुधार के अगले चरण में व्यक्तिगत आयकर की दरों में कटौती करने पर भी विचार करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने पर खर्च करने योग्य आय बढ़ेगी जिससे मांग चक्र में तेजी आएगी.

सीआईआई ने कहा कि व्यवसायों के लिए निश्चित कर जारी रहना चाहिए तथा कॉरपोरेट कर दर भी मौजूदा स्तर पर बनी रहनी चाहिए. वहीं दीवानी मामलों में तब तक गिरफ्तारी या हिरासत में लेने की कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए जब तक कि व्यवसाय में अपराध साबित नहीं हो जाए.

चैंबर ने कहा कि राजकोषीय घाटे को 2023-24 तक कम कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के छह प्रतिशत तक लाने और 2025-26 तक 4.5 प्रतिशत तक लाने के प्रयास होने चाहिए. इसके अलावा पूंजीगत व्यय मौजूदा 2.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 2023-24 में 3.3-3.4 प्रतिशत करना चाहिए और 2024-25 तक इसे और बढ़ाकर 3.8-3.9 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखना चाहिए. इसमें कहा गया कि निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि अर्थव्यवस्था में वृद्धि को गति देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र का निवेश अकेले काफी नहीं है.

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