जेल में बंद नरगिस मोहम्मदी के बच्चों ने उनकी ओर से नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार किया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 10 Dec 2023 09:29 PM
जेल में बंद नरगिस मोहम्मदी के बच्चों ने उनकी ओर से नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार किया
ऑडियो सुनें

हेलसिंकी. जेल में बंद ईरानी कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी के बच्चों ने रविवार को नॉर्वे की राजधानी में एक समारोह में उनकी ओर से इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार किया. मोहम्मदी अपने देश में महिलाओं के अधिकारों और लोकतंत्र के लिए अभियान चलाने के साथ-साथ मृत्युदंड के खिलाफ मुखर रही हैं. मोहम्मदी के 17 वर्षीय जुड़वां बच्चे अली और कियाना रहमानी अपने पिता के साथ पेरिस में निर्वासन में रह रहे हैं.

मोहम्मदी (51) को अक्टूबर में 2023 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई थी. वह फिलहाल तेहरान की एक जेल में बंद हैं. ईरान में इससे पहले भी उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया था और कई साल जेल में रह चुकी हैं. ओस्लो में शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कियाना रहमानी ने अपनी मां का एक संदेश पढ़ा, जिसमें उन्होंने ”असहमति, प्रदर्शनकारियों और मानवाधिकार रक्षकों की आवाज को दुनिया तक पहुंचाने” में अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा निभाई गई भूमिका की प्रशंसा की.

मोहम्मदी ने अपने संदेश में कहा, ”ईरानी समाज को वैश्विक समर्थन की आवश्यकता है और आप, पत्रकार और मीडियाकर्मी इस्लामी गणतंत्र सरकार के विनाशकारी अत्याचार के खिलाफ कठिन संघर्ष में हमारे सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी हैं. आपके प्रयासों के लिए, आपने हमारे लिए जो कुछ भी किया है, उसके लिए मैं आपको तहे दिल से धन्यवाद देती हूं.”

कियाना रहमानी ने कहा कि उन्हें अपनी मां से दोबारा मिलने की बहुत कम उम्मीद है. उन्होंने कहा, ”शायद मैं उन्हें 30 या 40 साल में देख पाऊंगी, लेकिन मुझे लगता है कि मैं उन्हें दोबारा नहीं देख पाऊंगी. लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मेरी मां हमेशा मेरे दिल में रहेंगी, मूल्यों के लिए लड़ना जरूरी है.”

मोहम्मदी के भाई और पति ने ओस्लो में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने ईरान में बहाई धर्म के अल्पसंख्यकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए रविवार को भूख हड़ताल करने की योजना बनाई है. रहमानी के पति ताघी ने पूर्व में कहा था कि वह 11 साल से अपनी पत्नी को नहीं देख पाए हैं और उनके बच्चों ने सात साल से अपनी मां को नहीं देखा है.

मोहम्मदी ने पिछले साल हिजाब से संबंधित देश के सख्त कानून का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन में अग्रणी भूमिका निभाई थी. अमेरिका की ‘ूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) ने शनिवार देर रात कहा कि ईरानी अधिकारियों ने अमिनी के परिवार के सदस्यों को उनकी ओर से यूरोपीय संघ के शीर्ष मानवाधिकार पुरस्कार-‘विचार की स्वतंत्रता के लिए सखारोव पुरस्कार’-स्वीकार करने को लेकर यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया है.

नरगिस मोहम्मदी नोबेल शांति पुरस्कार हासिल करने वाली 19वीं महिला हैं और 2003 में मानवाधिकार कार्यकर्ता शिरीन एबादी के पुरस्कार जीतने के बाद दूसरी ईरानी महिला हैं. पुरस्कारों के 122 साल के इतिहास में यह पांचवीं बार है कि शांति पुरस्कार किसी ऐसे व्यक्ति को दिया गया है जो जेल में है या घर में नजरबंद है. बाकी नोबेल पुरस्कार रविवार को बाद में स्टॉकहोम में अलग-अलग समारोहों में दिए जाने वाले हैं.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu