मालदीव ने 15 मार्च तक भारतीय सैनिकों को हटाने को कहा, व्यावहारिक समाधान पर मंथन जारी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 14 Jan 2024 10:08 PM
मालदीव ने 15 मार्च तक भारतीय सैनिकों को हटाने को कहा, व्यावहारिक समाधान पर मंथन जारी

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने रविवार को भारत से 15 मार्च तक अपने देश से भारतीय सैन्यर्किमयों को वापस बुलाने के लिए कहा है, जबकि दोनों पक्षों ने द्वीपीय राष्ट्र में स्थित भारतीय सैन्य मंचों के निरंतर संचालन को सक्षम बनाने के लिए ‘पारस्परिक रूप से व्यावहारिक समाधान’ खोजने पर विचार-विमर्श किया.

माले में भारत-मालदीव उच्च स्तरीय कोर ग्रुप की पहली बैठक में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई. दुबई में दिसंबर में आयोजित सीओपी28 सम्मेलन के मौके पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बैठक के दौरान मालदीव और भारत ने विवादित मुद्दों के हल के लिए इस कोर समूह को गठित करने पर सहमति जतायी थी.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”दोनों पक्षों ने मालदीव के लोगों को मानवीय और ‘मेडवैक’ (आपात चिकित्सा) सेवाएं प्रदान करने वाले भारतीय विमानन मंचों के निरंतर संचालन को सक्षम बनाने के लिए पारस्परिक रूप से एक व्यावहारिक समाधान खोजने पर भी चर्चा की.” मालदीव के राष्ट्रपति के प्रधान सचिव अब्दुल्ला नाजिम इब्राहिम ने माले में एक पत्रकारवार्ता में कहा कि मुइज्जू ने मालदीव के प्रतिनिधिमंडल से कोर समूह की बैठक में भारतीय अधिकारियों को सूचित करने के लिए कहा कि 15 मार्च तक भारतीय सैनिकों को वापस बुला लिया जाना चाहिए.

इब्राहिम ने कहा कि भारतीय सैन्यकर्मी मालदीव में नहीं रह सकते और यह राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू और इस प्रशासन की नीति है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने चल रही विकास सहयोग परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने सहित साझेदारी को बढ़ाने के कदमों की पहचान करने की दिशा में द्विपक्षीय सहयोग से संबंधित व्यापक मुद्दों पर चर्चा की.” बयान में कहा गया कि उच्च स्तरीय कोर समूह की अगली बैठक पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत में आयोजित करने पर सहमति बनी है.

लगभग 90 भारतीय कर्मी वर्तमान में मुख्य रूप से दो हेलीकॉप्टर और एक विमान के संचालन और रखरखाव के लिए मालदीव में रह रहे हैं. बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में उच्चायुक्त मुनु महावर और भारतीय मिशन के कई अन्य राजनयिक शामिल थे. मालदीव की टीम में विदेश मंत्रालय में राजदूत अली नसीर मोहम्मद और भारत में मालदीव के उच्चायुक्त इब्राहिम शाहीब समेत कई अन्य अधिकारी शामिल थे.

भारत-मालदीव संबंधों में तब तनाव आ गया जब चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू ने राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद कहा कि वह भारतीय सैन्यर्किमयों को मालदीव से बाहर करने के अपने चुनावी वादे को निभाएंगे. पिछले हफ्ते मुइज्जू सरकार के तीन उपमंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था.

भारत द्वारा माले के समक्ष इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बाद मालदीव सरकार ने युवा मंत्रालय के उप मंत्रियों मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महज.ूम माजिद को निलंबित कर दिया था. तीनों उपमंत्रियों ने लक्षद्वीप की यात्रा के बाद ‘एक्स’ पर मोदी की पोस्ट के लिए उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं. इन उपमंत्रियों ने यह अनुमान लगाया था कि यह केंद्र शासित प्रदेश को मालदीव के वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में पेश करने का एक प्रयास था.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu