तनाव के बीच पाकिस्तान, ईरान के विदेश मंत्रियों ने बातचीत की; सुरक्षा मुद्दों पर करीबी सहयोग के लिए राजी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Jan 2024 09:41 PM
तनाव के बीच पाकिस्तान, ईरान के विदेश मंत्रियों ने बातचीत की; सुरक्षा मुद्दों पर करीबी सहयोग के लिए राजी
ऑडियो सुनें

इस्लामाबाद. एक-दूसरे के भूभाग में मिसाइल हमलों के बाद रिश्तों में पैदा हुए तनाव को दूर करने का प्रयास करते हुए पाकिस्तान और ईरान शुक्रवार को ”परस्पर विश्वास और सहयोग” की भावना के साथ सुरक्षा मुद्दों पर करीबी सहयोग की आवश्यकता पर सहमत हुए. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी ने अपने ईरानी समकक्ष हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन से बात की और ”आपसी विश्वास और सहयोग की भावना के आधार पर सभी मुद्दों” पर ईरान के साथ काम करने की पाकिस्तान की इच्छा व्यक्त की.

दोनों मंत्रियों की टेलीफोन पर बातचीत के बाद जारी बयान में कहा गया, ”उन्होंने (जिलानी) सुरक्षा मुद्दों पर करीबी सहयोग की जरूरत पर जोर दिया.” इस सकारात्मक घटनाक्रम से पहले पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ‘आतंकी ठिकानों’ पर ड्रोन और मिसाइल से सैन्य हमले किए, जिसमें नौ लोग मारे गए. ये हमले ईरान द्वारा पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुन्नी बलूच आतंकवादी समूह ‘जैश अल-अदल’ के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू करने के दो दिन बाद हुए.

विदेश कार्यालय ने कहा कि इससे पहले, जिलानी और तुर्किये के उनके समकक्ष हैकन फिदान ने ”पाकिस्तान और ईरान के बीच चल रहे घटनाक्रम” पर चर्चा की. जिलानी ने फिदान को बताया कि सैन्य हमले ईरान के अंदर आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर किए गए थे और कहा कि पाकिस्तान को तनाव बढ़ाने में कोई दिलचस्पी या इच्छा नहीं है. पाकिस्तान और ईरान के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों ने भी सद्भावनापूर्ण संदेशों का आदान प्रदान किया.

विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर अतिरिक्त विदेश सचिव रहीम हयात कुरैशी और उनके ईरानी समकक्ष सैयद रसूल मूसावी के बीच संदेशों के आदान-प्रदान को साझा करते हुए कहा ”सकारात्मक बातचीत हुई.” अतिरिक्त विदेश सचिव ने ‘एक्स’ पर कहा कि पाकिस्तान और ईरान के बीच भाईचारे के रिश्ते हैं और देशों को सकारात्मक बातचीत के जरिए सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है. वहीं, मूसावी ने फारसी में ‘एक्स’ पर लिखा, ”दोनों देशों के नेता और उच्च अधिकारी जानते हैं कि पड़ोसी देशों के बीच मौजूदा तनाव से केवल आतंकवादियों और दोनों देशों के दुश्मनों को फायदा होता है.”

ईरान के साथ तनाव से आठ फरवरी का आम चुनाव प्रभावित नहीं होगा: पाकिस्तान निर्वाचन आयोग

पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार और निर्वाचन आयोग ने कहा है कि देश में आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव ईरान के साथ बढ़ते तनाव से प्रभावित नहीं होंगे. पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ‘आतंकी ठिकानों’ पर ड्रोन और मिसाइल से सैन्य हमले किए, जिसमें नौ लोग मारे गए. ये हमले ईरान द्वारा पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुन्नी बलूच आतंकवादी समूह ‘जैश अल-अदल’ के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के दो दिन बाद हुए. उसके बाद पाकिस्तान ने ईरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया और सभी पूर्व निर्धारित उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय यात्राओं को निलंबित कर दिया.

‘द न्यूज इंटरनेशनल’ अखबार ने सवाल किया था कि क्या पाकिस्तान और ईरान के बीच तनाव प्रस्तावित चुनावों और उसके कार्यक्रम को प्रभावित करेगा, इस पर पाकिस्तान निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि आयोग अब भी प्रतिबद्ध है और निर्धारित समय पर चुनाव कराने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान-ईरान तनाव के कारण चुनाव की तारीख की समीक्षा करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग चुनाव की तैयारी में व्यस्त है. अखबार ने प्रवक्ता के हवाले से कहा, ”हम हमेशा की तरह काम कर रहे हैं और आठ फरवरी को चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.” सूचना मंत्री मुर्तजा सोलांगी ने भी कहा कि चुनाव समय पर होंगे और दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव का चुनाव कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा. मंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि पाकिस्तान और ईरान के बीच तनाव अब कम होना शुरू हो जाएगा.

चुनाव कराने के लिए आवश्यक सुरक्षा आवश्यकता के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के लिए निर्वाचन आयोग को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगी. उन्होंने कहा, ”अब घोषित तिथि पर आम चुनाव से पीछे हटने की कोई जरूरत नहीं है.” ईरान के हमले और पाकिस्तान के जवाबी हमलों ने पश्चिम एशिया के अस्थिर क्षेत्र में चिंताएं बढ़ा दी है, जहां पहले से ही गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजराइल के युद्ध और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने से तनाव व्याप्त है.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu