धुबरी/बारपेटा/नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ”रिमोट-नियंत्रित” किया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर शर्मा ने असम के हित की बात की तो उन्हें ”बाहर कर” दिया जाएगा. गांधी ने यहां ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के पास शर्मा का रिमोट कंट्रोल है, अगर वह असम के हित के लिए कुछ भी बोलेंगे तो उन्हें तुरंत बाहर कर दिया जाएगा.”
कांग्रेस सांसद ने बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) की भी आलोचना की और इसे ”भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बी टीम” करार दिया. गांधी ने कहा कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनावों के साथ-साथ असम में विधानसभा चुनावों में भाजपा और एआईयूडीएफ, दोनों को हराएगी.
राहुल ने असम पुलिस को और प्राथमिकी दर्ज करने की चुनौती दी, कहा कि वह डरेंगे नहीं
भीड़ को उकसाने के आरोप में गुवाहाटी पुलिस द्वारा राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्य को चुनौती दी कि वे ”जितना संभव हो उतने मामले” दर्ज करें, लेकिन फिर भी वह डरेंगे नहीं.
बारपेटा जिले में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के सातवें दिन अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में कांग्रेस नेता ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की आलोचना की और उन पर जमीन और सुपारी से संबंधित कई आरोप लगाते हुए उन्हें देश का ”सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” करार दिया.
उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं पता कि हिमंत विश्व शर्मा को यह विचार कैसे आया कि वह मामले दर्ज करके मुझे डरा सकते हैं. जितना संभव हो, उतने मामले दर्ज करें. 25 और मामले दर्ज करें, आप मुझे डरा नहीं सकते. भाजपा-आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) मुझे डरा नहीं सकते.” गुवाहाटी पुलिस ने मंगलवार को राज्य की राजधानी में हिंसा के कृत्यों के लिए गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए एक प्राथमिकी दर्ज की.
उन्होंने कहा, ”मैंने (नरेन्द्र) मोदी के खास दोस्त (गौतम) अडाणी के खिलाफ भाषण दिया और मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया गया. फिर मुझे संसद से बाहर निकाल दिया गया और मेरा सरकारी आवास छीन लिया गया. मैंने खुद सरकारी आवास की चाबियां दे दीं, मुझे यह नहीं चाहिए.” वहां मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच गांधी ने कहा, ”मेरा घर हर भारतीय नागरिक के दिल में है, मैं उनके दिल में रहता हूं. मेरे पास असम, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और अन्य सभी राज्यों में लाखों घर हैं.” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि असम में एक के बाद एक भ्रष्टाचार हो रहे हैं. उन्होंने शर्मा को देश का ”सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” करार दिया.
गांधी ने कहा, ”जब वह (शर्मा) आपसे बात करते हैं, तो वह आपकी जमीन चुरा लेते हैं. जब आप सुपारी खाते हैं तो वह सुपारी कारोबार पर कब्जा कर लेते हैं. उन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में भी जमीन ली है.” असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के स्वामित्व वाले मीडिया समूह का जिक्र करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि टीवी मीडिया वही दिखाता है जो शर्मा राज्य में दिखाना चाहते हैं.
उन्होंने दावा किया, ”शर्मा अमित शाह के इशारे पर चलते हैं. अगर कोई अमित शाह के खिलाफ कुछ भी कहता है तो उसे दो मिनट के भीतर शर्मा बाहर कर देते हैं. तरुण गोगोई भी मुख्यमंत्री थे लेकिन उन्होंने वही किया जो असम चाहता था. तरुण गोगोई मेरे गुरु थे, लेकिन मैंने कभी नहीं कहा उन्हें क्या करना है.” अपने गले में लिपटे असम की संस्कृति और पहचान के प्रतीक ‘गमोचा’ (असमिया गमछा) को दिखाते हुए गांधी ने कहा कि सत्तारूढ. सरकार राज्य के गौरव का अपमान कर रही है.
गांधी ने कहा, ”भाजपा-आरएसएस असम की भाषा, संस्कृति और इतिहास को मिटाना चाहते हैं. वे असम को नागपुर से चलाना चाहते हैं, लेकिन हम इसकी अनुमति नहीं देंगे. असम को असम से ही चलाया जाएगा.” कांग्रेस सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शर्मा के दिल ”नफरत से भरे हुए हैं.” उन्होंने कहा, ”शर्मा अपने दिल में नफरत भरे हुए हैं. वह दुनिया के सभी लोगों से नफरत करते हैं. वह 24 घंटे नफरत और डर की बोली बोलते हैं. लड़ाई उनके खिलाफ नहीं है बल्कि उस नफरत के खिलाफ है जो उनके दिल में भरी है.” गांधी ने कहा कि नफरत को नफरत से नहीं हराया जा सकता. उन्होंने सभी से नफरत को खत्म करने के लिए प्यार का इस्तेमाल करने की अपील की.
उन्होंने कहा, ”नफरत के पीछे डर छिपा होता है. ये लोग नफरत और डर फैलाते हैं और हम प्यार फैलाते हैं. भाजपा-आरएसएस एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक भाषा को दूसरी भाषा से लड़ाते हैं.” उन्होंने कहा, ”हमने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में लाखों लोगों से बात की. सभी ने हमसे कहा कि भारत में नफरत नहीं चलेगी, यहां प्यार चलता है. यह प्यार का देश है.” गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस की विचारधारा के कारण मणिपुर कई महीनों से जल रहा है, अब भी लोग मारे जा रहे हैं और घरों में आग लगा दी जाती है लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने आज तक राज्य का दौरा नहीं किया.
कांग्रेस सांसद के नेतृत्व में यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई और 20 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी. असम में यात्रा का दौर 18 जनवरी से 25 जनवरी तक है और 17 जिलों में 833 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. इस यात्रा में कुल 67 दिन में 6,713 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना है. यात्रा 15 राज्यों में 110 जिलों से हो कर गुजरेगी.
कांग्रेस ने भाजपा पर ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ रोकने का प्रयास करने का लगाया आरोप
कांग्रेस ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उसकी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को रोकने के प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि असम में वह ‘फर्जी मुकदमों’ से डरने वाली नहीं है. पार्टी नेता कन्हैया कुमार ने यह दावा भी किया कि भाजपा अन्याय के साथ खड़ी हुई है.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”भारत जोड़ो न्याय यात्रा को बार-बार रोकने का प्रयास किया जा रहा है. हमारी न्याय यात्रा के गुजरने से कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन भाजपा के नेता को उसी मार्ग पर यात्रा की अनुमति मिलती है, यह कौन सा न्याय है.” कुमार ने राहुल गांधी और कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ असम में मामला दर्ज किए जाने का हवाला देते हुए कहा, ”हमारे नेताओं पर फर्जी मुकदमे किए गए हैं. आपके फर्जी मुकदमों से हम डरने वाले नहीं है.”
असम पुलिस ने हिंसा में शामिल होने के आरोप में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की. राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ इस समय असम में है. हिंसा की कथित घटनाएं उस समय हुईं, जब पार्टी समर्थकों और नेताओं ने गुवाहाटी में प्रवेश करने की कोशिश में अवरोधक तोड़ दिए और पुलिसर्किमयों के साथ झड़प की.
कुमार ने दावा किया, ”जो लोग इस यात्रा में अवरोध पैदा करने की कोशिश कर रही है वो न्यायद्रोही हैं… भाजपा अन्याय के साथ खड़ी है.” राहुल गांधी द्वारा घोषित ‘पांच न्याय’ का उल्लेख करते हुए उनका कहना था, ”हमारे देश की बहुसंख्यक आबादी आज भी न्याय की संपूर्ण स्थापना से बाहर है. ‘पांच न्याय’ के उद्देश्य हैं. युवा न्याय- देश में 45 वर्ष में आज सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, इसलिए युवा न्याय का मतलब है युवाओं को रोजगार मिले. भागीदारी न्याय- हमें लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से हो.” उन्होंने कहा, ”नारी न्याय- महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और स्वतंत्र समाज का निर्माण. किसान न्याय- किसानों को उनकी फसल के उचित दाम मिलें. श्रमिक न्याय- श्रमिकों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, कांग्रेस सरकार उनको उचित मूल्य दिलाएगी.”