भाजपा नेताओं की विवादास्पद टिप्पणियों पर बंगाल के राज्यपाल चुप्पी साध लेते हैं :अभिषेक बनर्जी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 30 May 2022 07:16 PM
भाजपा नेताओं की विवादास्पद टिप्पणियों पर बंगाल के राज्यपाल चुप्पी साध लेते हैं :अभिषेक बनर्जी

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कोलकाता. न्यायपालिका पर की गई अपनी टिप्पणी को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ का तल्ख बयान आने के एक दिन बाद सोमवार को तृणमूल कांगेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हैरानगी जताते हुए कहा कि इस तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त करने की क्या जरूरत थी. बनर्जी ने कहा कि उन्होंने किसी न्यायाधीश का नाम नहीं लिया था और ना ही किसी फैसले का जिक्र किया था.

उल्लेखनीय है कि बनर्जी की टिप्पणी के बाद रविवार को धनखड़ ने कहा था कि ‘‘उन्होंने हद पार कर दी है.’’ बनर्जी ने दावा किया कि धनखड़ उस वक्त चुप्पी साध लेते हैं, जब भाजपा नेता विवादास्पद बयान देते हैं या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपमान करते हैं.
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस देश का नागरिक ‘‘किसी फैसले की आलोचना करने के लिए स्वतंत्र है. ’’

बनर्जी ने उत्तर 24 परगना जिले के श्यामनगर इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘परसों (शनिवार को), एक रैली में मैंने कुछ टिप्पणियां की थीं. राज्यपाल ने दावा किया कि मैंने हद पार कर दी. राज्य के लोग बखूबी वाकिफ हैं कि कौन हद पार कर रहा है. मैंने कहा था कि न्यायपालिका में 99 प्रतिशत लोग अच्छे हैं, सिर्फ एक प्रतिशत लोग उन लोगों के निर्देशों पर काम करते हैं, जिनके पास सत्ता का नियंत्रण है…यह एक प्रतिशत लोग हर जगह हैं, यहां तक कि राजनीतिक दलों में भी.’’ बनर्जी ने शनिवार को, राज्य में हर मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने को लेकर ‘‘न्यायपालिका के एक प्रतिशत हिस्से की’’ आलोचना की थी.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे किसी फैसले की आलोचना करने का अधिकार है. यदि किसी फैसले में कहा जाता है कि हत्या के मामले में कोई प्राथमिकी नहीं होगी, तो यह सही है या गलत है? यदि मैं न्यायपालिका के बारे में कुछ कहता हूं, राज्यपाल इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं. इससे सिर्फ यह साबित होता है कि (मेरी) टिप्पणियों ने सही जगह पर वार किया है. न्यायपालिका का मैं पूरा सम्मान करता हूं. ’’ धनखड़ ने रविवार को आरोप लगाया था कि राज्य में संवैधानिक प्राधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने सीबीआई जांच का आदेश देने को लेकर न्यायपालिका की आलोचना कर हद पार कर दी.

अभिषेक का बयान अदालत की अवमानना के समान नहीं : तृणमूल कांग्रेस

न्यायपालिका के संबंध में अपने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी के बचाव में आगे आई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को कहा कि यह (टिप्पणी) अदालत की अवमानना के समान नहीं है. तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका के बारे में बोल सकता है और उन्होंने इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ की आलोचना की.

ममता बनर्जी की मंत्री परिषद की सदस्य भट्टाचार्य ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अभिषेक बनर्जी ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा था जो अदालत की अवमानना के समान हो. उन्होंने न्यायपालिका के बारे में बात की. कोई भी न्यायपालिका के बारे में बात कर सकता है. एक कहावत है कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए.’’

महंगाई, वित्तीय कुप्रबंधन मोदी सरकार के आठ वर्ष के ‘पर्याय’: टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोमवार को कहा कि अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन, उच्च मुद्रास्फीति और संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आठ साल के शासन का ‘‘पर्याय’’ हैं. टीएमसी की वरिष्ठ नेताओं एवं मंत्रियों शशि पांजा और चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि मोदी सरकार ‘‘सभी मोर्चों पर विफल रही है.’’ उन्होंने मांग की कि ‘पीएम केयर्स फंड’ का उचित आॅडिट किया जाना चाहिए.

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘ईंधन की तेजी से बढ़ती कीमत, उच्च मुद्रास्फीति दर और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतें मोदी शासन के पर्याय हैं. यह भी ंिचताजनक है कि संविधान को लगातार कमजोर किया जा रहा है और उसकी अवहेलना की जा रही है.’’ उन्होंने ‘पीएम केयर्स फंड’ के बारे में कहा कि इसकी जांच और आॅडिट किया जाना चाहिए.

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार में कुशासन हावी है. ‘पीएम केयर्स फंड’ को आॅडिट से छूट क्यों दी जानी चाहिए? पीएम केयर्स में दान की गई राशि जनता की सेवा के लिए थी या उनकी पार्टी के लिए थी?’’ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने सोमवार को सत्ता में आठ साल पूरे कर लिये. टीएमसी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जताते हुए भाजपा ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन और अराजकता टीएमसी सरकार की पहचान है.’’ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘‘केंद्र पर उंगली उठाने से पहले टीएमसी को पहले अपने पिछले 11 वर्षों के प्रदर्शन के रिकॉर्ड को देखना चाहिए.’’

By Yogesh Kumar Sahu