Bhutan GLOF: भूटान में ग्लेशियर झील फटने से उत्तर बंगाल में हाई अलर्ट, असम में बाढ़ की चेतावनी

मो छू नदी में उफान के बाद संकोश नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में खतरा
Author: www.navabharat.news
UPDATED: Fri, 30 Oct 2026 10:53 AM
Bhutan GLOF: भूटान में ग्लेशियर झील फटने से उत्तर बंगाल में हाई अलर्ट, असम में बाढ़ की चेतावनी
ऑडियो सुनें

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिमी भूटान के गासा जिले में शिंताफू झील में ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़) की घटना सामने आई है। गुरुवार शाम हुई इस घटना के बाद मो छू नदी में उफान आया और प्रसिद्ध गासा त्साचू गर्म पानी का झरना पूरी तरह बह गया। पश्चिम बंगाल और असम के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने पूरे उत्तर बंगाल में हाई अलर्ट जारी कर आपातकालीन तैयारियां शुरू कर दी हैं।

शिंताफू झील कहां स्थित है?

मो छू नदी के उद्गम स्थल पर स्थित शिंताफू झील को भूटान की 17 संभावित खतरनाक ग्लेशियर झीलों में से एक माना जाता है। इससे पहले 26 अगस्त 2021 को भी भीषण बाढ़ में गासा त्साचू बह गया था, जब उफान पर आई मो छू नदी ने रास्ता बदलकर गर्म पानी के झरने की ओर रुख कर लिया था।

बंगाल और असम में अलर्ट जारी

बाढ़ का पानी अब पुनाखा जोंग से लगभग आठ किलोमीटर दूर, कबेसा गेवोग के श्रीगंग इलाके तक पहुंच गया है। भूटान ने पश्चिम बंगाल और असम की सरकारों को सतर्क किया है, क्योंकि सीमा से लगे जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा है। असम का धुबरी और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहाड़ी इलाके, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिले खतरे वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।

कूच बिहार में प्रशासन ने संकोश नदी के किनारे रहने वालों के लिए अलर्ट जारी किया है। यह नदी उत्तरी भूटान से निकलती है और मो छू तथा फो छू जैसी ऊपरी सहायक नदियों के मिलने से बनती है, जो आगे असम में ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है। संकोश और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वालों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स के लोगों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।

असम के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से क्या कहा गया?

असम के मुख्यमंत्री के आधिकारिक हैंडल से किए गए ट्वीट के मुताबिक, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। धुबरी के डीसी मौके पर मौजूद हैं और निचले इलाकों में असर से निपटने के लिए तैयार हैं।

दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने भी एक्स पर अलर्ट जारी कर संवेदनशील इलाकों के लोगों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की। उनके पोस्ट के अनुसार, झील का पानी मो छू नदी से होते हुए संकोश नदी की ओर बह रहा है।

एसपी शॉ ने क्या कहा?

गुरुवार को आईएएनएस से बातचीत में एसपी शॉ ने कहा कि लोग थोड़े घबराए हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सभी एजेंसियां सक्रिय हैं। उन्हें उम्मीद है कि अगले दो-तीन घंटों में समाधान निकाल लिया जाएगा।

ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड क्या है?

यह बाढ़ तब आती है जब ग्लेशियर के पुराने स्थानों पर जमा भारी मात्रा में पानी अचानक बाहर निकल आता है। ये झीलें ग्लेशियरों के पीछे हटने या पतले होने से बनती हैं। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान से यह प्रक्रिया और गंभीर हो गई है। जब पानी रोकने वाला प्राकृतिक बांध अचानक टूटता है, तो खतरनाक बाढ़ आती है। ऐसा भारी बारिश, भूस्खलन, हिमस्खलन, भूकंप या ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से हो सकता है।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By www.navabharat.news